Green IPO का बड़ा मौका! CMR Green Technologies IPO खुला, GMP 32% से ऊपर, निवेश करें या नहीं?

Green IPO

Green IPO: CMR Green Technologies का आईपीओ आज खुला, GMP में जबरदस्त उछाल

भारतीय शेयर बाजार में आज निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। देश की अग्रणी नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी CMR Green Technologies का Green IPO आज यानी 3 जून 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। बाजार में इस आईपीओ को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि Green IPO पर्यावरण-अनुकूल उद्योग और रीसाइक्लिंग सेक्टर में निवेश का एक आकर्षक मौका बन सकता है।

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क्या है Green IPO का प्राइस बैंड?

कंपनी ने Green IPO के लिए 182 रुपये से 192 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों को कम से कम 78 शेयरों के एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा। इसके बाद निवेशक 78 शेयरों के गुणक में आवेदन कर सकते हैं।

यदि कोई निवेशक एक लॉट के लिए आवेदन करता है तो उसे लगभग 14,976 रुपये का निवेश करना होगा।

630 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी

CMR Green Technologies के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर मोहन अग्रवाल के अनुसार कंपनी Green IPO के जरिए लगभग 630.88 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

इस पूंजी का उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, नई तकनीकों में निवेश और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कर सकती है।

क्या करती है कंपनी?

CMR Green Technologies भारत की प्रमुख नॉन-फेरस मेटल रीसाइक्लिंग कंपनियों में से एक है।

कंपनी निम्न धातुओं का रीसाइक्लिंग कार्य करती है:

  • एल्युमिनियम
  • कॉपर
  • जिंक
  • स्टेनलेस स्टील
  • मैग्नीशियम

Green IPO के पीछे कंपनी का मुख्य आकर्षण उसका पर्यावरण-अनुकूल बिजनेस मॉडल है। कंपनी विभिन्न देशों से धातु स्क्रैप आयात कर उसे वैज्ञानिक तरीके से रीसाइकिल करती है।

कंपनी के प्रमुख ग्राहक

CMR Green Technologies के ग्राहकों में कई बड़ी ऑटोमोबाइल और औद्योगिक कंपनियां शामिल हैं:
CMR Green turns Indian scrap into premium quality - RECYCLING magazine

  • Honda Cars India
  • Bajaj Auto
  • Hero MotoCorp
  • Royal Enfield
  • Maruti Suzuki
  • Jindal Stainless

इन प्रतिष्ठित ग्राहकों की मौजूदगी Green IPO को और अधिक भरोसेमंद बनाती है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति

किसी भी आईपीओ में निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति जानना बेहद जरूरी होता है।

31 दिसंबर 2025 तक

  • नेट प्रॉफिट: 162.39 करोड़ रुपये
  • रेवेन्यू: 6,291 करोड़ रुपये

वित्त वर्ष 2024-25

  • नेट प्रॉफिट: 155.04 करोड़ रुपये
  • रेवेन्यू: 6,696.66 करोड़ रुपये

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि Green IPO लाने वाली कंपनी मजबूत राजस्व और लाभप्रदता बनाए हुए है।

GMP में जबरदस्त उछाल

इस समय निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर Green IPO के GMP पर है।

GMP की स्थिति:

समयGMP
घोषणा के दिन सुबह₹24
घोषणा के दिन शाम₹33
आईपीओ खुलने के दिन₹63

192 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर 63 रुपये का GMP लगभग 32.81% का संभावित लिस्टिंग प्रीमियम दर्शाता है।

हालांकि GMP केवल अनौपचारिक संकेतक होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्रदर्शन अलग हो सकता है।

ब्रोकरेज हाउस क्या कह रहे हैं?

SBI Securities

SBI Securities ने Green IPO को “Subscribe” रेटिंग दी है।

Kantilal Chhaganlal Securities

इस ब्रोकरेज ने “Apply for Long Term” की सलाह दी है।

दोनों संस्थाओं का मानना है कि कंपनी का बिजनेस मॉडल और वित्तीय प्रदर्शन लंबी अवधि के निवेशकों को आकर्षित कर सकता है।

Green IPO क्यों खास माना जा रहा है?

इसके कई कारण हैं:

1. पर्यावरण-अनुकूल कारोबार

रीसाइक्लिंग उद्योग वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रहा है।

2. मजबूत ग्राहक आधार

देश की प्रमुख ऑटो कंपनियां इसके ग्राहक हैं।

3. बढ़ता GMP

बाजार में निवेशकों की रुचि दिखाई दे रही है।

4. स्थिर मुनाफा

कंपनी लगातार लाभ कमा रही है।

5. बढ़ती मेटल डिमांड

भारत में औद्योगिक विकास के साथ रीसाइक्लिंग की मांग बढ़ रही है।

जोखिम भी समझना जरूरी

हर निवेश में जोखिम होता है और Green IPO भी इससे अलग नहीं है।

मुख्य जोखिम:

  • धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव
  • वैश्विक आर्थिक मंदी
  • आयात लागत में वृद्धि
  • पर्यावरण नियमों में बदलाव
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर पर निर्भरता

कब होगी लिस्टिंग?

कंपनी के शेयर:

  • BSE Limited
  • National Stock Exchange

पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।

यदि प्रक्रिया तय समय पर पूरी हुई तो Green IPO की लिस्टिंग 10 जून 2026 को हो सकती है।

निष्कर्ष

वर्तमान परिस्थितियों में Green IPO निवेशकों के लिए एक दिलचस्प अवसर बनकर उभरा है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, तेजी से बढ़ता GMP, प्रतिष्ठित ग्राहक आधार और पर्यावरण-अनुकूल बिजनेस मॉडल इसे आकर्षक बनाते हैं। हालांकि निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना और जोखिमों को समझना आवश्यक है।

रीसाइक्लिंग सेक्टर के बढ़ते महत्व और कंपनी की बाजार स्थिति को देखते हुए Green IPO आने वाले समय में निवेशकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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