Mumbai cyber crime ठगों का पर्दाफाश: 200 करोड़ की ठगी में 7 गिरफ्तार, पुलिस का बड़ा खुलासा
मुंबई के मीरा रोड पुलिस ने एक बड़ा सायबर फ्रॉड गिरोह पकड़ा है, जो पिछले कुछ समय से लाखों लोगों को ठगने के काम में लगा हुआ था। इस गिरोह ने 450 से 500 लोगों से ठगी की थी और ठगी का कुल आंकड़ा 200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा था। ठगी करने वाले ये लोग काफी पढ़े-लिखे थे और इनकी जालसाजी का नेटवर्क पूरे देश में फैल चुका था। पुलिस ने मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस की रेडार से बचने की पूरी कोशिश कर रहे थे।
Mumbai cyber crime की दुनिया में गिरोह की चाल
इन लोगों का तरीका बेहद शातिर था। इन फर्जी ठगों ने एक से एक आकर्षक और लुभावने निवेश ऑफर देकर लोगों को अपनी वेबसाइट पर ललचाया। इनकी बनाई हुई वेबसाइटें बिल्कुल असली लगती थीं और इन पर लोगों को शेयर मार्केट, गोल्ड ट्रेडिंग, फॉरेक्स ट्रेडिंग में भारी मुनाफे के दावे किए जाते थे। ये ठग सोशल मीडिया पर इन वेबसाइट्स का प्रचार भी करते थे। इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफार्मों पर फर्जी अकाउंट बनाकर इन वेबसाइट्स को प्रमोट किया जाता था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इन जालसाजों के जाल में फंस सकें।
फर्जी निवेश वेबसाइटों का जाल
गिरोह ने कई फर्जी निवेश वेबसाइट बनाई थीं, जिन पर लोग निवेश करने के लिए लुभाए जाते थे। इस पर दिए गए आकर्षक ऑफर और मुनाफे के वादों ने लोगों को बहकाया और उन्होंने अपने पैसे इन वेबसाइटों में निवेश किए। एक बार जब पैसा निवेश कर लिया, तो वापसी का कोई रास्ता नहीं था। इसके बाद इन वेबसाइटों से जमा पैसे को बाइनेंस क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर कनवर्ट करके विदेश भेज दिया जाता था, जिससे यह जालसाज बचते रहे और पुलिस के हाथ नहीं आए।
लगातार लोकेशन बदलने की कोशिश
इन ठगों का एक और शातिर तरीका था कि वे अपना लोकेशन लगातार बदलते रहते थे, ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके। प्रत्येक राज्य में इनका नेटवर्क फैला हुआ था और इनका धंधा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था। हालांकि, 12 नवंबर को इनकी किस्मत खराब हो गई और पुलिस को इनके बारे में सूचना मिली कि ये लोग मीरा रोड हाईवे पर स्थित एक होटल के कमरे में ठगी कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत रेड मारी और मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस रेड में पुलिस ने उन सभी आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया, जो इस अपराध में शामिल थे।
Mumbai cyber crime गिरफ्तार किए गए आरोपी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इन सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, और साथ ही यह पता चला कि ये लोग अपने अपराधों को लगातार अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से कई फर्जी वेबसाइट्स के प्रमाण, बैंक अकाउंट और क्रिप्टो वॉलेट्स के विवरण भी बरामद किए। पुलिस ने इनसे पूछताछ की और बाकी जालसाजों को पकड़ने के लिए अपनी जांच तेज कर दी।
पुलिस का कहना है कि यह एक बहुत बड़ी सायबर क्राइम की साजिश थी, जिसमें लोगों को केवल अपने निवेश के लिए ललचाया गया था और उनके पैसे लेकर विदेश भेजे जा रहे थे। इस अपराध में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और जितने भी लोग इस जाल में फंसे हैं, उन्हें पूरी तरह से सहायता दी जाएगी।
Mumbai cyber crime और पुलिस की भूमिका
Mumbai cyber crime इस तरह की सायबर क्राइम घटनाओं के बढ़ने से एक ओर बात सामने आती है कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों और वेबसाइट्स के द्वारा फर्जी निवेश योजनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही लोगों को सायबर अपराध से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए और उन्हें किसी भी लुभावने निवेश प्रस्ताव के प्रति सचेत रहना चाहिए। पुलिस ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है और भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने का वादा किया है।
निष्कर्ष
Mumbai cyber crime की यह घटना एक चेतावनी है, जो हमें यह समझने की आवश्यकता देती है कि हम सभी को ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए ज्यादा सचेत रहना चाहिए। सायबर अपराधों के खिलाफ पुलिस ने तेजी से कदम उठाए हैं, और आगे भी इस प्रकार के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जाएगी। हमें खुद भी अपनी डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी और ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर किसी भी अनजान व्यक्ति से पैसे की मांग करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए।
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