दाल भरा Lachha Paratha: स्वाद, परंपरा और सेहत का अनोखा संगम
भारतीय रसोई की पहचान उसकी विविधता और गहराई में छिपी है। उत्तर भारत की थाली हो और उसमें खस्ता परतों वाला लच्छा पराठा न हो, ऐसा कम ही देखने को मिलता है। जब इसी परंपरागत पराठे में स्वादिष्ट दाल की भरावन जोड़ दी जाए, तो उसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि दाल भरा लच्छा पराठा आज घरों से लेकर ढाबों और रेस्टोरेंट्स तक खूब पसंद किया जाता है। पारंपरिक अंदाज़ और पौष्टिकता के कारण Lachha Paratha भारतीय खाने की दुनिया में एक खास स्थान रखता है।
लच्छा पराठे की परंपरा और लोकप्रियता
लच्छा पराठा मूल रूप से उत्तर भारत और पंजाब क्षेत्र की देन माना जाता है। इसकी खासियत इसकी परतें होती हैं, जो इसे साधारण पराठे से अलग बनाती हैं। जैसे-जैसे समय के साथ रेसिपियों में प्रयोग बढ़े, वैसे-वैसे इसके नए-नए रूप सामने आए। दाल भरकर बनाया गया यह पराठा स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज़ से बेहतरीन माना जाने लगा। कई लोग इसे खास मौकों पर बनाते हैं, क्योंकि लच्छा पराठे न सिर्फ पेट भरता है, बल्कि मन को भी संतुष्टि देता है।
दाल भरे लच्छा पराठे में पोषण का तड़का
दाल भरा लच्छा पराठा केवल स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि पौष्टिक भी होता है। इसमें गेहूं के आटे से फाइबर मिलता है और चना दाल से प्रोटीन। मसालों का संतुलित उपयोग इसे पचाने में भी आसान बनाता है। जब सही मात्रा में तेल और मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं, तो यह पराठा भारी महसूस नहीं होता। यही कारण है कि Lachha Paratha को सुबह के नाश्ते से लेकर दोपहर या रात के खाने तक आराम से शामिल किया जा सकता है।
आवश्यक सामग्री: सरल लेकिन संतुलित
इस पराठे की सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी सामग्री आसानी से घर में उपलब्ध हो जाती है। आटा, नमक, तेल और पानी से गूंथा गया नरम आटा इसकी नींव बनता है। वहीं उबली हुई चना दाल में हल्दी, धनिया, लाल मिर्च और अमचूर का संतुलित मिश्रण भरावन को स्वादिष्ट बनाता है। जब इन दोनों का सही अनुपात बनाया जाता है, तब एक बेहतरीन Lachha Paratha तैयार होता है, जो हर कौर में मज़ा देता है।
आटा गूंथने की सही तकनीक
पराठा अच्छा बने, इसके लिए आटे का सही तरीके से गूंथना बेहद ज़रूरी है। आटे में नमक और थोड़ा तेल मिलाकर जब उसे नरम गूंथा जाता है, तो पराठे बेलते समय उसमें दरारें नहीं आतीं। 20–25 मिनट तक ढका हुआ रखने से आटा सेट हो जाता है और पराठा बेलना आसान हो जाता है। अच्छी तरह से गूंथे और आराम दिए गए आटे से बना Lachha Paratha ज्यादा मुलायम अंदर से और बाहर से खस्ता बनता है।
दाल की स्टफिंग: स्वाद का असली राज़
दाल को बिना पानी के दरदरा पीसना इस रेसिपी का अहम कदम है। बहुत बारीक पिसी दाल स्वाद बिगाड़ सकती है, जबकि हल्की दरदरी दाल पराठे में अच्छा टेक्सचर देती है। मसालों को मिलाते समय स्वाद का संतुलन रखें—न ज्यादा तीखा, न फीका। सही ढंग से तैयार की गई स्टफिंग ही लच्छा पराठे को साधारण पराठे से खास बनाती है।
परतें बनाने की कला
लच्छा पराठे की पहचान उसकी परतें हैं। बेलने के बाद तेल फैलाकर दाल की स्टफिंग लगाई जाती है और फिर उसे लच्छे की तरह रोल किया जाता है। इस रोल को गोल घुमाकर दोबारा बेलने से पराठे में खूबसूरत परतें बनती हैं। यही परतें पकने के बाद अलग-अलग दिखाई देती हैं और खाने में खास मज़ा देती हैं। सही परतों के बिना Lachha Paratha अपनी पहचान खो देता है।
तवे पर सेकने की सही विधि
पराठा सेंकते समय तवे का सही तापमान बहुत मायने रखता है। तवा न बहुत तेज़ और न बहुत धीमी आंच पर होना चाहिए। दोनों ओर तेल लगाकर मीडियम आंच पर पलट-पलट कर सेंकने से पराठा अच्छी तरह से ब्राउन होता है। जब परतें हल्की-सी फूलने लगें और किनारे कुरकुरे दिखें, तब समझ लीजिए कि Lachha Paratha पूरी तरह तैयार हो गया है।
परोसने के तरीके और स्वाद संयोजन
दाल भरा लच्छा पराठा हरी चटनी, दही, मक्खन या आम के अचार के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है। कुछ लोग इसे मसालेदार सब्ज़ी या रायते के साथ भी परोसते हैं। खास मेहमानों के लिए इसे गरमा-गरम परोसना सबसे अच्छा रहता है। सही संगत मिलने पर Lachha Paratha का स्वाद और भी यादगार बन जाता है।
घर की रसोई से खास थाली तक
आजकल फ्यूजन किचन में भी दाल भरा लच्छा पराठा अपनी जगह बना चुका है। कहीं इसे चीज़ या पनीर के साथ परोसा जा रहा है, तो कहीं हेल्दी वर्ज़न में कम तेल के साथ। लेकिन मूल रेसिपी की आत्मा वही रहती है—परतों का कुरकुरापन और दाल का स्वाद। यही कारण है कि Lachha Paratha समय के साथ और भी लोकप्रिय होता जा रहा है।
निष्कर्ष: स्वाद और सेहत का संतुलन
दाल भरा लच्छा पराठा भारतीय रसोई की उस कला को दर्शाता है, जहां साधारण सामग्री से असाधारण स्वाद तैयार किया जाता है। सही तकनीक, संतुलित मसाले और थोड़ा सा धैर्य इस रेसिपी को सफल बना देते हैं। अगर आप घर में कुछ खास, पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो Lachha Paratha एक बेहतरीन विकल्प है—जो हर उम्र और हर मौके पर पसंद किया जाता है।
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