IT boom Visakhapatnam: 3 बड़े संकेत, रियल एस्टेट में जबरदस्त उछाल

IT boom Visakhapatnam

विशाखापत्तनम में आईटी निवेश की नई लहर और रियल एस्टेट का बदलता परिदृश्य

आंध्र प्रदेश का प्रमुख तटीय शहर विशाखापत्तनम लंबे समय से बंदरगाह, रक्षा प्रतिष्ठानों और पर्यटन के लिए जाना जाता रहा है। लेकिन अब शहर एक नए आर्थिक युग में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है, जहां सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) निवेश उसकी विकास दिशा तय कर रहा है। हालिया समय में जिस तेजी से बड़े आईटी निवेशों की घोषणाएं हुई हैं, उसने शहर के रियल एस्टेट बाजार में स्पष्ट हलचल पैदा कर दी है। IT boom Visakhapatnam का असर केवल नई इमारतों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, किराया, आवासीय मांग और शहरी संरचना—सब पर व्यापक प्रभाव डाल रहा है।


रोजगार आधारित विकास का नया मॉडल

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि विशाखापत्तनम अब उस चरण में पहुंच रहा है, जहां आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति की मांग भावनात्मक निवेश या सट्टेबाजी से नहीं, बल्कि रोजगार और स्थायी आय पर आधारित हो रही है। यही वजह है कि IT boom Visakhapatnam को शहर के लिए दीर्घकालिक और संरचित विकास का संकेत माना जा रहा है।

CREDAI विशाखापत्तनम चैप्टर के अध्यक्ष ई. अशोक कुमार के अनुसार, आईटी नौकरियों से प्रेरित विस्तार आवासीय मांग को मजबूत करता है, किरायों को स्थिर बनाता है और संगठित व्यावसायिक परियोजनाओं को व्यवहार्य बनाता है। उनका कहना है कि जब वेतन आधारित रोजगार बढ़ते हैं, तो रियल एस्टेट बाजार अधिक संतुलित और टिकाऊ बनता है।


बड़े आईटी खिलाड़ियों की मौजूदगी से बदला माहौल

शहर में रियल एस्टेट की रफ्तार बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण प्रमुख आईटी कंपनियों की योजनाएं हैं।
Tata Consultancy Services को रुषिकोंडा के आईटी हिल्स क्षेत्र में 21.16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां लगभग ₹1,370 करोड़ के निवेश से एक विशाल आईटी कैंपस विकसित किया जा रहा है। इससे करीब 12,000 नौकरियों के सृजन की उम्मीद है।
Cognizant ने कापुलुप्पाडा में 8,000 सीटों वाले स्थायी कैंपस के लिए ₹1,583 करोड़ के निवेश की घोषणा की है, जिसे एक बड़े रोजगार केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, Infosys मधुरवाड़ा–येंदादा कॉरिडोर में स्थायी कैंपस स्थापित करने की तैयारी में है, जबकि Accenture ने भी विशाखापत्तनम में नई सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इन सभी घोषणाओं ने IT boom Visakhapatnam को वास्तविक और ठोस आधार प्रदान किया है।


आवासीय मांग में तेजी और किरायों में मजबूती

जब भी किसी शहर में बड़ा आईटी कैंपस संचालन में आता है या उसकी तैयारी शुरू होती है, तो उसका पहला असर किरायों और घरों की मांग पर दिखता है। आईटी कर्मचारी, प्रबंधक और उनसे जुड़े सेवा प्रदाता शहर में आने लगते हैं, जिससे 2 बीएचके और 3 बीएचके आवासों की मांग बढ़ती है। यही परिदृश्य IT boom Visakhapatnam के साथ भी देखने को मिल रहा है।

रियल एस्टेट सलाहकारों के अनुसार, रुषिकोंडा, कापुलुप्पाडा, मधुरवाड़ा और येंदादा जैसे इलाकों में पूछताछ और बुकिंग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, खासकर गेटेड कम्युनिटी और सुव्यवस्थित अपार्टमेंट परियोजनाओं में।


निवेश के साथ बदली बाजार की प्रकृति

विशाखापत्तनम का रियल एस्टेट बाजार धीरे-धीरे निवेशक-प्रधान से अंतिम उपयोगकर्ता (एंड-यूज़र) आधारित बाजार की ओर बढ़ रहा है। यह बदलाव बिक्री की गति को स्थिर बनाता है, फाइनेंसिंग और परियोजना नियोजन को आसान करता है, और डेवलपर्स को नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इस परिवर्तन के केंद्र में IT boom Visakhapatnam को ही प्रमुख चालक माना जा रहा है।


आवास के साथ व्यावसायिक संपत्ति की मांग

आईटी विस्तार का प्रभाव केवल आवासीय खंड तक सीमित नहीं रहता। जैसे-जैसे आईटी कार्यबल बढ़ता है, वैसे-वैसे ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस, को-वर्किंग सेंटर्स, ट्रेनिंग हब, रिटेल स्टोर्स और फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स की मांग भी बढ़ती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दैनिक फुटफॉल पैदा करता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था में निरंतर नकदी प्रवाह सुनिश्चित करता है। IT boom Visakhapatnam से शहर की व्यावसायिक प्रोफाइल के मजबूत होने की उम्मीद इसी वजह से की जा रही है।


डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अगला चरण

डेवलपर्स और नीति-निर्माता अब आईटी के अगले चरण—डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इन्फ्रास्ट्रक्चर—पर भी नजर रखे हुए हैं।
APIIC के एक अधिकारी के अनुसार, डेटा सेंटर उच्च कौशल वाली नौकरियां और सपोर्ट सेवाओं का एक नया पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। इससे न केवल आवासीय मांग और बढ़ती है, बल्कि शहर का डिजिटल निवेश मानचित्र भी बदल जाता है। यह रुझान IT boom Visakhapatnam को और गहराई प्रदान कर सकता है।


भूमि मूल्यों पर असर और चरणबद्ध विकास

संपत्ति विश्लेषकों का कहना है कि बड़े आईटी कैंपसों की घोषणाएं अक्सर रोजगार क्लस्टरों से जुड़े इलाकों में भूमि मूल्यों को पुनः निर्धारित करती हैं। शुरुआत में प्लॉटेड डेवलपमेंट और लेआउट्स में रुचि बढ़ती है, जिसके बाद मध्यम अवधि में अपार्टमेंट और विला परियोजनाओं की मांग आती है। विशाखापत्तनम में भी यही क्रम देखा जा रहा है, और इसका सीधा संबंध IT boom Visakhapatnam से जोड़ा जा रहा है।


बेहतर कनेक्टिविटी और नियोजित शहरी विस्तार

आईटी निवेश के साथ-साथ बेहतर सड़कों, परिवहन संपर्क और नियोजित शहरी विस्तार ने भी रियल एस्टेट के लिए सकारात्मक वातावरण बनाया है। डेवलपर्स का मानना है कि जब कनेक्टिविटी और आधारभूत संरचना साथ-साथ विकसित होती है, तो शहर में अराजक विस्तार के बजाय सुव्यवस्थित विकास संभव होता है। यही कारण है कि IT boom Visakhapatnam को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि शहरी नियोजन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


दीर्घकालिक दृष्टिकोण और शहर की पहचान

विशाखापत्तनम अब केवल एक तटीय या औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि एक उभरते डिजिटल और तकनीकी हब के रूप में पहचान बना रहा है। रोजगार-संचालित विकास, संगठित रियल एस्टेट परियोजनाएं, डेटा सेंटर और एआई जैसी उन्नत तकनीकों में निवेश—ये सभी संकेत देते हैं कि शहर दीर्घकालिक विकास पथ पर है। इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में IT boom Visakhapatnam का विचार मौजूद है, जो शहर की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट दोनों को नई दिशा दे रहा है।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, विशाखापत्तनम में आईटी निवेश की मौजूदा लहर ने रियल एस्टेट बाजार में नई ऊर्जा भर दी है। तेज आवासीय अवशोषण, मजबूत किराये, बढ़ती पूछताछ और व्यावसायिक अवसरों का विस्तार—ये सभी संकेत बताते हैं कि शहर रोजगार आधारित और संतुलित विकास की ओर बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में जैसे-जैसे प्रमुख आईटी कैंपस पूर्ण रूप से संचालन में आएंगे और डेटा सेंटर व एआई परियोजनाएं आकार लेंगी, वैसे-वैसे IT boom Visakhapatnam शहर की विकास कहानी का मुख्य अध्याय बनता चला जाएगा।

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