Gold Silver Rate: में गिरावट: 13 फरवरी 2026 की ताज़ा जानकारी
आज, 13 फरवरी 2026 को, सोने और चांदी के दाम में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखी गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 17,188 रुपये घटकर 2,41,945 रुपये हो गई है। इससे पहले गुरुवार को चांदी की कीमत 2,59,133 रुपये प्रति किलो थी। इन दो दिनों में चांदी की कीमत में करीब 24 हजार रुपये की गिरावट आई है। 11 फरवरी को चांदी की कीमत 2,66,449 रुपये प्रति किलो थी, जो अब काफी कम हो गई है।
वहीं, सोने की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है। आज, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 2,899 रुपये गिरकर 1,52,751 रुपये हो गई है। इससे पहले गुरुवार को सोने की कीमत 1,55,650 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इस साल जनवरी के अंत में सर्राफा बाजार में सोने ने 1,76,121 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3,85,933 रुपये प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई बनाया था।
सोने और चांदी के दाम में पिछले कुछ महीनों में बढ़ोतरी और गिरावट:
वर्तमान में, पिछले 44 दिनों में सोने की कीमत में 19,556 रुपये और चांदी की कीमत में 11,525 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह सोने और चांदी के बाजार की उतार-चढ़ाव को दर्शाता है, जिसमें कभी-कभी कीमतें तेज़ी से बढ़ती हैं, तो कभी तेजी से गिर जाती हैं। सोने की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर 1,52,751 रुपये हो गई है, यानि 22,455 रुपये की बढ़ोतरी। इसी तरह, चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2,30,420 रुपये प्रति किलो थी, जो अब 2,41,945 रुपये हो गई है।
Gold और चांदी की बढ़ती कीमतें:
2025 में Gold की कीमत 57,000 रुपये (75%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को सोने की कीमत 10 ग्राम 24 कैरेट के हिसाब से 76,162 रुपये थी, जो अब 1,33,195 रुपये हो गई है। इस दौरान चांदी की कीमत भी 1.44 लाख रुपये (167%) बढ़ी है। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपये की थी, जो साल के अंत में 2,30,420 रुपये प्रति किलो हो गई है।
गोल्ड और सिल्वर के दामों में उतार-चढ़ाव:
Gold और चांदी के दाम हमेशा बदलते रहते हैं, और इनका बाजार पर गहरा असर पड़ता है। भारत में गोल्ड और सिल्वर की मांग साल दर साल बढ़ती जा रही है, जो इनकी कीमतों को प्रभावित करता है। खासकर त्योहारी सीज़न में सोने और चांदी की खरीदारी में और अधिक बढ़ोतरी होती है, जिससे इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिलती है।
इस साल के शुरुआत में,Gold और चांदी की कीमतों में जो वृद्धि देखी गई, वह खासकर उन निवेशकों के लिए फायदेमंद रही, जिन्होंने इन धातुओं में निवेश किया था। हालांकि, जैसे-जैसे बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है, निवेशकों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
Gold और चांदी की खरीदारी में हॉलमार्किंग का महत्व:
गोल्ड और सिल्वर खरीदने से पहले यह महत्वपूर्ण है कि उपभोक्ता केवल सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा हॉलमार्क किए गए गोल्ड को ही खरीदने का सुझाव दिया जाता है। हॉलमार्किंग से यह पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता क्या है। यह Gold की गुणवत्ता को प्रमाणित करता है और यह सुनिश्चित करता है कि खरीदी गई वस्तु असली और शुद्ध है।
सोने और चांदी का भविष्य:
Goldऔर चांदी के दाम हमेशा ही चढ़ते-उतरते रहते हैं। इनकी कीमतें वैश्विक स्तर पर विभिन्न आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होती हैं। इस समय, जहां Goldऔर चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है, वहीं भविष्य में इनकी कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। निवेशकों के लिए यह अच्छा समय हो सकता है यदि वे दीर्घकालिक निवेश के लिए इन धातुओं में निवेश करने की योजना बनाते हैं।
अंततः, “Gold Silver Rate” के उतार-चढ़ाव से यह स्पष्ट होता है कि बाजार की स्थिति हमेशा बदलती रहती है और इस पर प्रभाव डालने वाले कई कारक होते हैं। इसीलिए, निवेशक और खरीदार हमेशा बाजार की स्थिति पर नज़र रखते हुए ही गोल्ड और सिल्वर में निवेश करें।
निष्कर्ष:
Gold और चांदी की कीमतों में गिरावट और वृद्धि दोनों का मिलाजुला असर है। 2025 में, जहां Goldऔर चांदी की कीमतों में वृद्धि देखी गई, वहीं हाल ही में गिरावट भी आई है। अब तक इस साल Gold और चांदी की कीमतें दोनों में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन हाल की गिरावट ने बाजार को कुछ ठंडा किया है। हालांकि, सोने और चांदी के दाम की दिशा भविष्य में वैश्विक घटनाओं, बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग के आधार पर बदल सकती है।
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