Ahmedabad हवाई दुर्घटना की जांच: नया खुलासा
Ahmedabad में 2025 में एयर इंडिया की फ्लाइट 171 के दुर्घटनाग्रस्त होने की जांच में अब एक नया खुलासा हुआ है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, यह दुर्घटना तकनीकी खराबी के कारण नहीं बल्कि एक कथित जानबूझकर किए गए कृत्य के कारण हुई थी, जिसमें इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच को मैन्युअली बंद कर दिया गया था। यह रिपोर्ट इतालवी अखबार “कोरिएरे डेला सेरा” ने दी है, जिसमें दो स्रोतों का हवाला दिया गया है, जो दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हाल ही में हुई चर्चा से परिचित हैं।
Ahmedabad दुर्घटना का कारण और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट
एयर इंडिया फ्लाइट 171, जो बोइंग 787 ड्रीमलाइनर थी, अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद तुरंत ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दुर्घटना में 260 लोगों की जान गई थी, जिसमें यात्रियों के साथ-साथ एक मेडिकल छात्रावास में रहने वाले लोग भी शामिल थे, जिस पर विमान गिरा। इस दुर्घटना में केवल एक यात्री ही जीवित बच सका।
Ahmedabad भारतीय विमानन मंत्रालय के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी की गई प्रारंभिक रिपोर्ट में बताया गया था कि उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान के ईंधन नियंत्रण स्विच को “रन” से “कट-ऑफ” मोड में बदला गया था। इस रिपोर्ट में कॉकपिट संवाद का भी उल्लेख किया गया था, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछ रहा था कि उसने ईंधन क्यों काट दिया। दूसरे पायलट का जवाब था कि उसने ऐसा नहीं किया। हालांकि, सरकार ने अब तक सीधे तौर पर पायलटों को दोषी नहीं ठहराया है।
अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की राय और संभावित जांच परिणाम
इतालवी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांचकर्ताओं का मानना है कि विमान के कमांडर ने इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच को बंद कर दिया, जिससे विमान की शक्ति चली गई और वह गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पायलटों में से एक, कप्तान सुमीत सबरवाल, ने ईंधन स्विच को बंद किया था, जो इस हादसे का मुख्य संदिग्ध है। पायलट क्लाइव कुंडर को-पायलट थे और दोनों ही इस Ahmedabad दुर्घटना में मारे गए।
यह भी बताया गया कि कप्तान सुमीत सबरवाल मानसिक अवसाद से पीड़ित थे, जो इस दुर्घटना के कारण के रूप में एक प्रमुख बिंदु बनकर सामने आया। उनके पिता ने इस आरोप का खंडन करते हुए एक नई जांच की मांग की और यह भी कहा कि उनके बेटे की मानसिक स्थिति से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी। हालांकि, इस मामले की आगे की जांच में पायलटों की मानसिक स्थिति की निरंतर निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन की सिफारिश की जा सकती है।
Ahmedabad फाइनल रिपोर्ट और नई सिफारिशें
जांचकर्ताओं के अनुसार, दुर्घटना के अंतिम क्षणों में को-पायलट क्लाइव कुंडर का कंट्रोल स्टिक उस मोड में था, जो विमान को ऊंचाई पर वापस लाने में मदद कर सकता था, जबकि कप्तान का स्टिक स्थिर रहा। जांचकर्ताओं ने पाया कि बायां इंजन दायें इंजन से पहले बंद किया गया था, और कप्तान विमान के बाएं तरफ बैठे थे। यह तथ्य मैन्युअल स्विच मूवमेंट की ओर इशारा करता है, न कि कोई तकनीकी खराबी।
निष्कर्ष
यह ताजा रिपोर्ट अहमदाबाद हवाई दुर्घटना की गुत्थी को और अधिक उलझा देती है। प्रारंभिक रिपोर्ट में तकनीकी खराबी को खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब यह मामला एक जानबूझकर किए गए कृत्य की ओर बढ़ता हुआ प्रतीत हो रहा है। आने वाले समय में भारत और अमेरिका के विशेषज्ञ इस जांच को और गहराई से देखेंगे और इसके बाद फाइनल रिपोर्ट जारी की जाएगी। पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी और उनके परीक्षणों के परिणामस्वरूप कुछ नई सिफारिशें भी सामने आ सकती हैं।
Ahmedabad विमान दुर्घटना, जो भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक बन गई, ने न केवल तकनीकी और मानव त्रुटियों को उजागर किया, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को भी सामने लाया है। उम्मीद की जाती है कि आगामी जांच रिपोर्ट से इस हादसे के कारणों पर और स्पष्टता मिलेगी और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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