बाजार में भारी बिकवाली के बीच कालन ज्वैलर्स के शेयरों में ऐतिहासिक गिरावट, निवेशक चिंतित
भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव के दौर में ज्वेलरी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Kalyan Jewellers India Ltd सुर्खियों में आ गई है। बीते कुछ दिनों से इस कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, जिसने निवेशकों को चौंका दिया है। लगातार नौ कारोबारी सत्रों तक गिरावट झेल चुके Kalyan Jewellers stock (1) ने बाजार में एक नकारात्मक संकेत पैदा कर दिया है और इसे हाल के वर्षों की सबसे कमजोर चाल माना जा रहा है।
नौ दिन की गिरावट ने बढ़ाई बेचैनी
जनवरी 2026 के तीसरे सप्ताह तक आते-आते Kalyan Jewellers stock (2) ने निवेशकों के भरोसे को झटका दिया। लगातार नौ सत्रों तक गिरावट के चलते यह शेयर लगभग 25 प्रतिशत तक टूट चुका है। इस तरह की लंबी गिरावट आमतौर पर तभी देखी जाती है जब या तो बाजार में भारी नकारात्मक खबरें हों या तकनीकी स्तर पूरी तरह टूट चुके हों।
विश्लेषकों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य करेक्शन नहीं लग रहा, बल्कि इसके पीछे गहरी बिकवाली और निवेशकों की घबराहट दिखाई दे रही है।
19 महीने का निचला स्तर, 52-वीक लो के करीब
बुधवार, 21 जनवरी को Kalyan Jewellers stock ने इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान करीब 14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 389.10 रुपये का स्तर छू लिया, जो पिछले 19 महीनों का सबसे निचला स्तर है। बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन फिर भी शेयर शुरुआती दोपहर सत्र में 11 प्रतिशत नीचे ट्रेड करता दिखा।
यह शेयर उन 11 F&O स्टॉक्स में भी शामिल रहा, जिन्होंने लगातार तीसरे दिन जारी बाजार बिकवाली के दौरान 52-वीक लो को छुआ।
भारी वॉल्यूम ने बढ़ाई चिंता
इस गिरावट की सबसे अहम बात ट्रेडिंग वॉल्यूम है। एक ही दिन में करीब 2.6 करोड़ शेयरों का लेन-देन हुआ, जो इसके 20-दिवसीय औसत वॉल्यूम से चार गुना अधिक है। यह साफ संकेत देता है कि Kalyan Jewellers stock में सिर्फ रिटेल ही नहीं, बल्कि संस्थागत निवेशक भी बड़े पैमाने पर बिकवाली कर रहे हैं।
उच्च वॉल्यूम के साथ गिरावट को तकनीकी विश्लेषण में बेहद नकारात्मक संकेत माना जाता है।
व्यापक बाजार से कमजोर प्रदर्शन
पिछले एक साल में Kalyan Jewellers stock करीब 17.6 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि इसी अवधि में व्यापक शेयर बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिस दिन यह शेयर निफ्टी 500 का सबसे बड़ा लूज़र बना, उस दिन निफ्टी 500 महज 0.6 प्रतिशत नीचे था।
इससे यह साफ होता है कि कंपनी-विशेष कारणों के चलते निवेशकों ने इस स्टॉक से दूरी बनाई है।
प्रमोटर हिस्सेदारी और गिरवी शेयरों का असर
निवेशक सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि प्रमोटर गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं। अगस्त 2024 में प्रमोटर्स ने वॉरबर्ग पिंकस से 2.36 प्रतिशत हिस्सेदारी 535 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदी थी। मौजूदा स्तर इन कीमतों से काफी नीचे है, जिससे बाजार में नकारात्मक धारणा बनी है।
इसके अलावा, दिसंबर 2025 तक प्रमोटर प्लेज बढ़कर 24.89 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 19.32 प्रतिशत था। विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ता प्लेज स्तर Kalyan Jewellers stock में दबाव बढ़ाने का एक बड़ा कारण हो सकता है।
तकनीकी दृष्टिकोण: पूरी तरह मंदी का संकेत
तकनीकी चार्ट्स की बात करें तो Kalyan Jewellers stock ने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज—20, 50, 100 और 200 EMA—के नीचे क्लोजिंग दी है। यह स्थिति आमतौर पर मजबूत डाउनट्रेंड का संकेत देती है।
Choice Equity Broking के टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, स्टॉक में तेज़ बिकवाली के चलते ट्रेंड पूरी तरह नकारात्मक हो चुका है। उन्होंने कहा कि सभी EMA नीचे की ओर झुके हुए हैं, जो लंबी गिरावट की पुष्टि करते हैं।
सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल
टेक्निकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, Kalyan Jewellers stock के लिए तत्काल सपोर्ट 390–380 रुपये के दायरे में देखा जा रहा है। यदि यह ज़ोन टूटता है, तो और गहरी गिरावट संभव है।
वहीं, ऊपर की ओर 440–450 रुपये का स्तर अब एक मजबूत रेजिस्टेंस माना जा रहा है, क्योंकि यह पहले का कंसोलिडेशन ज़ोन था।
क्या यह सिर्फ तकनीकी गिरावट है?
एक दिलचस्प पहलू यह है कि फिलहाल कंपनी से जुड़ी कोई बड़ी नकारात्मक फंडामेंटल खबर सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि Kalyan Jewellers stock में मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से तकनीकी कारणों और बाजार की समग्र कमजोरी से प्रेरित है।
हालांकि, प्रमोटर प्लेज और मूल्यांकन से जुड़ी चिंताएं निवेशकों के मन में पहले से मौजूद थीं, जिनका असर अब कीमत में दिखने लगा है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
मौजूदा हालात में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या अभी और इंतजार करना चाहिए। बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जब तक स्टॉक में स्पष्ट रिवर्सल सिग्नल न दिखे, तब तक जल्दबाजी से बचना चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशक कंपनी के फंडामेंटल, ज्वेलरी सेक्टर की ग्रोथ और उपभोक्ता मांग को ध्यान में रखकर फैसला लें।
निष्कर्ष
लगातार नौ सत्रों की गिरावट, भारी वॉल्यूम, 19-महीने का निचला स्तर और तकनीकी ब्रेकडाउन—ये सभी कारक मिलकर Kalyan Jewellers stock को फिलहाल एक हाई-रिस्क ज़ोन में ले आए हैं।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या शेयर सपोर्ट लेवल पर टिक पाता है या नहीं। बाजार की दिशा और निवेशकों की धारणा तय करेगी कि यह गिरावट यहीं थमेगी या इसमें और तेज़ी आएगी। फिलहाल सतर्कता और रिस्क मैनेजमेंट ही निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
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