Ramji Lal Suman के घर करणी सेना का भयंकर हमला, 5 पुलिसकर्मी घायल!

Ramji lal suman

Ramji lal suman: के आवास पर करणी सेना की तोड़फोड़, पुलिस कर्मी भी घायल

Agra News में बुधवार को एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया जब करणी सेना के सदस्यों ने राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन के आवास पर बुलडोजर से तोड़फोड़ की। यह घटना उस समय हुई जब रामजी लाल सुमन के द्वारा राज्यसभा में राणा सांगा को लेकर दिया गया बयान विवाद का कारण बना था। इस घटना ने न केवल आगरा बल्कि पूरे राज्य में हलचल मचा दी, और इसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।

Ramji lal suman:का विवादित बयान

राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने हाल ही में राज्यसभा में राणा सांगा के बारे में एक बयान दिया था, जिसके बाद इस पर व्यापक विरोध हुआ था। उनका बयान इस हद तक विवादास्पद हो गया था कि इसे लेकर कई विरोध प्रदर्शन हुए। करणी सेना के सदस्य इस बयान से नाराज थे, और उन्होंने इसका विरोध करने के लिए रामजी लाल सुमन के आवास पर हमला करने का निर्णय लिया।

करणी सेना का हंगामा

बुधवार दोपहर को करणी सेना के कई पदाधिकारी और सदस्य एत्मादपुर के कुबेरपुर में एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने बुलडोजर पर सवार होकर रामजी लाल सुमन के घर की ओर कूच किया। जब आगरा- दिल्ली हाईवे पर वे आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन करणी सेना का काफिला नहीं रुका और उन्होंने पुलिस बैरियर को पार कर लिया। पुलिसकर्मियों की संख्या कम होने के कारण उनका विरोध करना मुश्किल हो गया।

इसके बाद पुलिस ने वाटरवर्क्स और अन्य स्थानों पर बैरियर लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन करणी सेना के सदस्य सभी बैरियर से निकलते हुए दोपहर 1.30 बजे रामजी लाल सुमन के आवास तक पहुंच गए। पुलिस ने बुलडोजर को तो बाहर रोक लिया, लेकिन कई युवक जबर्दस्ती गेट के अंदर घुस गए और तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया।

तोड़फोड़ और हिंसा

घटना के दौरान उग्र युवकों ने रामजी लाल सुमन के एचआईजी फ्लैट्स संजय प्लेस के बाहर खड़ी सात-आठ गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। इसके साथ ही उन्होंने रामजी लाल सुमन के आवास में भी जमकर तोड़फोड़ की और वहां रखी कुर्सियों को भी तोड़ दिया। पुलिस ने युवकों को खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज किया, लेकिन तब तक कई पुलिसकर्मी घायल हो चुके थे।

हालांकि पुलिस ने जब युवकों को खदेड़ा, तब तक वे मौके पर नारेबाजी कर रहे थे। इस घटना में पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में कठिनाइयाँ आईं। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए तेजी से कार्रवाई की, लेकिन Ramji lal suman के आवास पर हुई इस तोड़फोड़ ने पूरे जिले में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए।

मुख्यमंत्री के शहर में होते हुए भी तोड़फोड़

दिलचस्प बात यह है कि करणी सेना ने उस समय इस घटना को अंजाम दिया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आगरा में थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दरियानाथ मंदिर में एक कार्यक्रम में शामिल थे। इस मौके का फायदा उठाते हुए करणी सेना के सदस्य Ramji lal suman के घर पहुंचे और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। इसने पुलिस प्रशासन को बिल्कुल चौंका दिया, क्योंकि वे मुख्यमंत्री के आगरा में होने के बावजूद इस हंगामे को रोक नहीं पाए।

पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया

पुलिस ने घटना के बाद Ramji lal suman के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी। एक गेट को बंद कर दिया गया और वहां पुलिस बल की तैनाती की गई। दूसरे गेट पर बैरियर लगाकर पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी। इसके बावजूद, करणी सेना के सदस्य अपनी कोशिशों में सफल रहे और Ramji lal suman के घर तक पहुंच गए। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए सक्रिय कदम उठाए, लेकिन इस घटना ने पुलिस के तंत्र को गंभीर चुनौती दी।

Ramji lal suman: की प्रतिक्रिया

Ramji lal suman: ने इस हमले की निंदा की है और इसे राजनीतिक विरोध से जोड़कर देखा है। उनका कहना है कि वह हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, और किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ को वह उचित नहीं मानते। उन्होंने कहा, “अगर किसी को मेरे बयान से समस्या है, तो वे मुझे अपनी बात से ही चुनौती दें, लेकिन इस तरह की हिंसा से हम किसी समाधान पर नहीं पहुंच सकते।”

राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की संभावना

इस घटना के बाद से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह सिर्फ एक संयोग था या फिर राजनीतिक एजेंडे के तहत जानबूझकर यह कार्यवाही की गई थी।Ramji lal suman के राज्यसभा में दिए गए बयान और करणी सेना के विरोध ने राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में एक नया मोड़ लिया है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे विरोधों को शांतिपूर्वक निपटाने के लिए अधिक सतर्क रहने की जरूरत महसूस हो रही है।

निष्कर्ष

Ramji lal suman:के घर पर करणी सेना द्वारा की गई तोड़फोड़ और हिंसा ने यह साबित कर दिया कि राजनीतिक विरोध के साथ-साथ असहमति को अब हिंसक तरीकों से सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने जल्द ही स्थिति पर काबू पाया, लेकिन यह घटना आगरा और पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक चेतावनी बनकर उभरी है कि कैसे राजनीतिक बयानबाजी के परिणामस्वरूप सार्वजनिक स्थलों पर हिंसा फैल सकती है। भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और प्रभावी कानून व्यवस्था की आवश्यकता होगी।

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