Hardik Pandya का विजय हजारे ट्रॉफी में धमाका, Chandigarh को मारा झटका

Hardik Pandya

Hardik Pandya ने विजय हजारे ट्रॉफी में दिखाई धमाकेदार बल्लेबाजी, बारोडा को दिलाई शानदार वापसी

विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में भारतीय क्रिकेट स्टार Hardik Pandya ने अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखा है। पांड्या ने 8 जनवरी को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए मैच में धमाकेदार पारी खेली। इस पारी में उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से बारोडा को जबरदस्त वापसी दिलाई।

Hardik Pandya ने इस मैच में नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने का फैसला किया और सिर्फ 31 गेंदों पर 75 रन बनाकर अपनी टीम को मुश्किल समय से बाहर निकाला। उन्होंने अपनी अर्धशतक केवल 19 गेंदों में पूरा किया, जिसमें 9 छक्के और 2 चौके शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 240 से भी ऊपर था। यह पारी न केवल उनकी फॉर्म का प्रमाण थी, बल्कि इसने बारोडा को मैच में जीत की राह पर भी डाल दिया।

Hardik Pandya के साथ पारी को मजबूत करने के लिए प्रियंशु मोलिया ने भी अहम योगदान दिया। मोलिया और पांड्या ने पांचवें विकेट के लिए 90 रन की साझेदारी की, जिसने बारोडा को मैच में मजबूती प्रदान की। पांड्या की आक्रामक बल्लेबाजी के कारण बारोडा ने जल्दी विकेट गंवाने के बाद भी एक मजबूत स्कोर खड़ा किया।

पांड्या की भूमिका और योगदान:

Hardik Pandya की यह पारी बारोडा के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण थी क्योंकि टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। पहले दो विकेट जल्दी गिर गए थे, लेकिन पांड्या ने आकर टीम को संभाला और एक धमाकेदार पारी खेली। पांड्या की बल्लेबाजी ने साबित कर दिया कि वह अपने आक्रामक खेल से किसी भी स्थिति को बदलने की क्षमता रखते हैं। इस पारी ने उनके वाइट बॉल क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन को उजागर किया।

इससे पहले पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ 68 गेंदों पर शतक जड़ा था, जिसमें उन्होंने 11 छक्के और 8 चौके लगाए थे। उस मैच में बारोडा भले ही हार गया, लेकिन पांड्या की बल्लेबाजी ने उनकी आक्रामक शैली को साफ तौर पर दिखाया। पांड्या का यह प्रदर्शन उनके विविध प्रकार के क्रिकेट कौशल को दर्शाता है और उनकी टीम को मजबूती देने की क्षमता का संकेत है।

प्रियंशु मोलिया का योगदान:

Hardik Pandya के साथ पारी को जारी रखने में प्रियंशु मोलिया का अहम योगदान रहा। मोलिया ने शांत और सटीक बल्लेबाजी करते हुए 106 गेंदों में 103 रन बनाये। उनका प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने पांड्या के बाद पारी को संभाला और टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मोलिया के इस योगदान ने बारोडा की पारी को संजीवनी दी और उनकी जोड़ी ने कुल मिलाकर 106 रन की साझेदारी की।

जितेश शर्मा की तेजी:

Hardik Pandya के बाद, विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 33 गेंदों में 73 रन बनाये, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे। जितेश का यह प्रदर्शन भी बारोडा के लिए महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने मोलिया के साथ मिलकर एक बड़ी साझेदारी की और टीम को 350 रन के आंकड़े तक पहुंचाया।

मैच का टर्निंग प्वाइंट:


बारोडा के लिए सबसे बड़ी चुनौती तब आई जब टीम ने पहले दो विकेट जल्दी खो दिए थे और स्कोर 11 रन पर दो विकेट गिरने के साथ था। हालांकि, मोलिया और पांड्या ने बीच में शानदार साझेदारी की और पांड्या की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी ने टीम को वापसी दिलाई। बाद में जितेश शर्मा की आक्रामक पारी ने बारोडा को और भी मजबूती दी।

अंतिम स्कोर:

Hardik Pandya और जितेश शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी ने बारोडा को 350 रन के पार पहुंचाया। बारोडा का यह स्कोर उनकी समझदारी से की गई आक्रामक बल्लेबाजी का परिणाम था, न कि अंधाधुंध हिटिंग का। पांड्या की पारी ने साबित कर दिया कि वह किसी भी मैच में किसी भी समय मैच का रुख बदल सकते हैं।

कुल मिलाकर:

Hardik Pandya ने विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी टीम के लिए एक बड़ी पारी खेली और उनके प्रदर्शन ने बारोडा को मुश्किल हालात से उबारकर मैच में वापसी दिलाई। पांड्या की इस पारी ने उन्हें एक और युवा और आक्रामक बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया। उनका यह प्रदर्शन आने वाले मैचों में और भी बड़े स्कोर बनाने की क्षमता की ओर इशारा करता है।

पांड्या की आक्रामक बल्लेबाजी ने न केवल बारोडा के लिए जीत की उम्मीद को बल दिया बल्कि उनके आईपीएल 2026 के लिए भी यह संकेत दिया कि वह एक बेहतरीन बल्लेबाज और एक सशक्त खिलाड़ी बन चुके हैं।

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