PM Kisan 22nd Installment: उत्तर प्रदेश के किसानों का इंतजार बढ़ा, जानिए लेटेस्ट अपडेट
उत्तर प्रदेश के लाखों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, उम्मीद थी कि होली से पहले यह किस्त जारी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद, फरवरी महीने में भी पीएम किसान की 22वीं किस्त का इंतजार जारी रहा, लेकिन अब तक किस्त जारी नहीं हुई है। इस कड़ी में किसानों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं, जैसे कि किस्त क्यों नहीं आई, और क्या उनकी किस्तों में कोई समस्या तो नहीं है।
PM Kisan 22nd Installment की देरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, और इसमें सबसे प्रमुख कारण यह हो सकता है कि योजना के तहत फर्जी लाभार्थियों का पता चलना और अपात्र किसानों का नाम कटना है। इसके परिणामस्वरूप, कई राज्य सरकारों द्वारा किसानों के नाम काटे जाने की प्रक्रिया चल रही है, जो इस योजना को निष्पक्ष बनाने के लिए किया जा रहा है।
22वीं किस्त का इंतजार
PM Kisan 22nd Installment के तहत किसानों को हर साल तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये की राशि मिलती है। यह योजना किसानों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। पिछले साल नवंबर 2025 में प्रधानमंत्री किसान की 21वीं किस्त जारी की गई थी, और अब लोग इंतजार कर रहे हैं कि 22वीं किस्त कब जारी होगी। इस देरी ने किसानों में असमंजस पैदा कर दिया है, क्योंकि कुछ किसानों को इस बार दो किस्तों का भुगतान मिल सकता है, विशेष रूप से बिहार के किसानों को तीन किस्तों का भुगतान मिलने की संभावना है।
22वीं किस्त में देरी के कारण
PM Kisan 22nd Installment में देरी के पीछे सबसे बड़ा कारण यह हो सकता है कि कई किसान गलत तरीके से या फर्जी नामों पर योजना का लाभ उठा रहे हैं। यह घोटाले और धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं, जहां एक ही जमीन पर कई किसानों के नाम दर्ज हैं और कई मृत किसानों के नाम पर पैसे प्राप्त किए जा रहे हैं। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए, केंद्र सरकार और राज्य सरकारें डेटा की जांच कर रही हैं, ताकि योजना में पारदर्शिता लाई जा सके और केवल पात्र किसानों को लाभ मिले।
यूपी और अन्य राज्यों में नाम कटने की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में हाल ही में 19 लाख किसानों के नाम पीएम किसान योजना से काटे गए थे। इसके अलावा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी इस योजना से कई लाख किसानों के नाम काटे गए हैं। हालांकि, यह कदम सरकार ने योजना के लाभ को सही दिशा में लागू करने के लिए उठाया है। जब तक सभी किसानों के नाम सही नहीं हो जाते, तब तक उनकी किस्तों का वितरण रुका हुआ है। ऐसे में पीएम किसान की 22वीं किस्त में देरी हो रही है, क्योंकि अपात्र लाभार्थियों का सही ढंग से चयन करना जरूरी है।
PM Kisan 22nd Installment के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अब सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है, ताकि योजना में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि, बहुत से किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, और जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक किस्तों की राशि किसानों के खातों में ट्रांसफर नहीं की जा सकती। इसके अलावा, सरकार द्वारा सभी अपात्र किसानों का नाम कटाने की प्रक्रिया जारी है, ताकि योजना का लाभ केवल योग्य और पात्र किसानों को मिले।
PM Kisan 22nd Installment की संभावित तारीख
पारंपरिक रूप से, पीएम किसान योजना के तहत प्रत्येक वर्ष तीन किस्तें किसानों को मिलती हैं, जिनमें प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की होती है। मार्च 2026 में, चार महीने पूरे होने पर पीएम किसान की 22वीं किस्त किसानों के खातों में जमा हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है, और कुछ किसानों के खातों में भुगतान की देरी हो सकती है।
साथ ही, यह भी उम्मीद की जा रही है कि बिहार के किसानों को इस बार तीन किस्तों का भुगतान किया जा सकता है, जिससे उन्हें कुल 9,000 रुपये मिलेंगे। इससे राज्य के किसानों को अतिरिक्त लाभ होगा।
PM Kisan 22nd Installment से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी
PM Kisan योजना के तहत किसानों को तीन किस्तों में 6,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाती है। पीएम किसान योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, और तब से यह योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आय स्रोत बनी हुई है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और मझोले किसानों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी, ताकि उन्हें वित्तीय सहायता मिल सके।
साथ ही, किसानों को यह भी बताया गया है कि वे अपनी फार्मर आईडी अपडेट करें और सुनिश्चित करें कि उनके नाम योजना में सही तरीके से दर्ज हैं। इसके लिए, उन्हें अपने जिले के कृषि विभाग से संपर्क करना होगा और अपनी जानकारी अपडेट करनी होगी।
अंत में
इस साल PM Kisan 22nd Installment की किस्त की देरी के कारण किसानों में असमंजस और चिंता बनी हुई है। लेकिन यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि योजना का लाभ केवल पात्र किसानों को ही मिले और धोखाधड़ी से बचा जा सके। इसलिए, सरकार इस पर पूरी निगरानी रखे हुए है और जल्द ही सभी अपात्र किसानों के नाम काटने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिलहाल, यूपी और अन्य राज्यों के किसानों को PM Kisan 22nd Installment की किस्त का इंतजार है, और उम्मीद है कि यह जल्द ही उनके खातों में आ जाएगी।
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