Chief Minister of Assam SR 2026 Voter List Update: विशेष पुनरीक्षण की पूरी कहानी, आंकड़े और आगे की रणनीति
असम में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा असम में Special Revision (SR) के तहत मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया गया, जिसकी अंतिम मतदाता सूची आज प्रकाशित की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर Chief Minister of Assam हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद एक “व्यापक” Special Intensive Revision (SIR) भी कराया जाएगा, ताकि मतदाता सूची को और अधिक पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
यह फैसला न केवल चुनावी तैयारियों की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम भी माना जा रहा है।
Special Revision (SR) क्या है और असम में कैसे हुआ?
चुनाव आयोग द्वारा असम में कराए गए Special Revision (SR) की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह प्रक्रिया घर-घर जाकर सत्यापन (door-to-door verification) के माध्यम से की गई। अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुए Special Intensive Revision (SIR) से यह अलग था, जहाँ ज़्यादातर मामलों में फॉर्म भरवाने या दस्तावेज़ जमा कराने की प्रक्रिया अपनाई गई थी।
असम में इस विशेष पुनरीक्षण के लिए:
29,656 Booth Level Officers (BLOs) लगाए गए
हर BLO ने अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया
नाम, पता, स्थानांतरण, मृत्यु और दोहरे पंजीकरण जैसी जानकारियों की गहन जाँच की गई
इस पूरी प्रक्रिया को Chief Minister of Assam ने “व्यवस्थित और ज़मीनी स्तर पर भरोसेमंद” बताया।
Assam SR 2026: अद्यतन मतदाता आंकड़े
Special Revision के बाद जारी ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में कई अहम आँकड़े सामने आए:
कुल मतदाता: 2,52,01,624
जनवरी 2025 की तुलना में वृद्धि: 1.35%
नए मतदाता जोड़े गए: 7,86,841
मतदाता हटाए गए: 4,47,196
इसके अलावा BLO सत्यापन में सामने आया कि:
4,78,992 नाम मृत मतदाताओं के थे
5,23,680 मतदाता स्थानांतरित (shifted) पाए गए
53,619 नाम दोहरे पंजीकरण (multiple entries) के थे
इन नामों को सीधे हटाया नहीं जाएगा, बल्कि claims and objections period के दौरान औपचारिक आवेदन मिलने के बाद ही अंतिम निर्णय होगा।
Chief Minister of Assam का बड़ा ऐलान: चुनाव के बाद “Extensive SIR”
इस पूरी प्रक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए Chief Minister of Assam हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह SR केवल पहला चरण है। उनके अनुसार:
“विधानसभा चुनावों के बाद असम में एक व्यापक Special Intensive Revision (SIR) कराया जाएगा, ताकि मतदाता सूची को और मजबूत किया जा सके।”
Chief Minister of Assam ने स्पष्ट किया कि चुनाव से पहले SR इसलिए कराया गया ताकि तत्काल चुनावी जरूरतें पूरी हों, जबकि चुनाव बाद SIR का उद्देश्य दीर्घकालिक शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना होगा।
चुनाव आयोग की तैयारियाँ और समीक्षा बैठकें
चुनाव आयोग ने असम की चुनावी तैयारियों को लेकर दो दिवसीय समीक्षा बैठक भी की, जिसमें:
ज़िला स्तर की तैयारियाँ
सुरक्षा व्यवस्था
कानून-व्यवस्था
प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय
जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, असम में विधानसभा चुनाव मार्च या अप्रैल 2026 में होने की संभावना है।
इस समीक्षा को Chief Minister of Assam की सरकार और चुनाव आयोग के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण माना जा रहा है।
SR बनाम SIR: असम का मॉडल क्यों अलग है?
देश के 12 अन्य राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जहाँ SIR लागू किया गया, वहीं असम में SR अपनाया गया। इसके पीछे प्रमुख कारण बताए गए:
असम की भौगोलिक और सामाजिक जटिलताएँ
सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या का तेज़ी से बदलना
लगातार स्थानांतरण (migration)
मतदाता सूची में लंबे समय से चली आ रही त्रुटियाँ
Chief Minister of Assam ने कहा कि असम के लिए “वन-साइज़-फिट्स-ऑल” मॉडल काम नहीं करता, इसलिए यहाँ घर-घर सत्यापन को प्राथमिकता दी गई।
राजनीतिक असर और विपक्ष की प्रतिक्रिया
मतदाता सूची का मुद्दा असम की राजनीति में हमेशा संवेदनशील रहा है। SR और आगामी SIR को लेकर विपक्षी दलों ने भी अपनी प्रतिक्रियाएँ दी हैं।
कुछ विपक्षी नेताओं ने आशंका जताई कि:
कहीं वैध मतदाताओं के नाम न हट जाएँ
सीमावर्ती जिलों में राजनीतिक प्रभाव न पड़े
हालाँकि Chief Minister of Assam ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि:
“हर नाम की जाँच नियमानुसार होगी और बिना प्रक्रिया के कोई नाम नहीं हटेगा।”
उन्होंने यह भी दोहराया कि लोकतंत्र में निष्पक्ष मतदाता सूची सबसे मजबूत नींव होती है।
claims and objections period क्यों है अहम?
चुनाव आयोग के अनुसार, SR के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण चरण है claims and objections period, जिसमें:
नागरिक अपने नाम जोड़ने या सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं
गलत तरीके से शामिल नामों पर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है
स्थानांतरित या मृत मतदाताओं के मामलों में परिवार दस्तावेज़ दे सकते हैं
इस चरण के बाद ही final electoral roll को पूरी तरह वैध माना जाएगा। Chief Minister of Assam ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि का सही उपयोग करें।
विधानसभा चुनाव 2026: मतदाता सूची का महत्व
असम में आगामी विधानसभा चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। ऐसे में:
अद्यतन मतदाता सूची
फर्जी वोटिंग की रोकथाम
पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया
इन सभी के लिए SR और SIR निर्णायक भूमिका निभाएँगे।
Chief Minister of Assam का मानना है कि साफ मतदाता सूची से:
चुनाव परिणाम अधिक विश्वसनीय होंगे
जनता का लोकतंत्र पर भरोसा बढ़ेगा
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चुनावी प्रक्रिया की साख मजबूत होगी
असम की विशेष चुनौतियाँ और मतदाता सत्यापन
असम में मतदाता सूची को लेकर चुनौतियाँ नई नहीं हैं। इनमें शामिल हैं:
सीमावर्ती इलाकों में अवैध प्रवासन
नदी कटाव से गाँवों का स्थानांतरण
चाय बागानों और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों का लगातार आना-जाना
इसी वजह से Chief Minister of Assam बार-बार कहते आए हैं कि यहाँ मतदाता सूची का सत्यापन निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए, न कि केवल चुनाव से पहले का औपचारिक कदम।
आगे क्या? पोस्ट-पोल SIR की दिशा
चुनाव के बाद प्रस्तावित Special Intensive Revision (SIR) में:
अधिक सख़्त दस्तावेज़ सत्यापन
डिजिटल डेटाबेस का उपयोग
आधार और अन्य पहचान पत्रों के साथ बेहतर समन्वय
जैसे कदम उठाए जा सकते हैं (हालाँकि चुनाव आयोग इस पर अंतिम निर्णय लेगा)। Chief Minister of Assam ने संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार हरसंभव सहयोग देगी।
निष्कर्ष
असम में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का Special Revision एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसके जरिए लाखों नामों को जोड़ा, हटाया और सत्यापित किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि Chief Minister of Assam ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के बाद एक और व्यापक SIR किया जाएगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत हों।
यह पूरी प्रक्रिया दिखाती है कि असम में चुनाव केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनता के विश्वास का प्रश्न हैं। आने वाले महीनों में SR के बाद SIR किस दिशा में जाता है, यह पूरे देश की नजर में रहेगा।
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