Assam Assembly में विवादित बर्ताव: BJP ने विधायक रूपज्योति कुमारी से मांगी माफी
Assam Assembly में शुक्रवार को हुई घटना ने राजनीति में एक नया मोड़ लिया, जब भाजपा विधायक रूपज्योति कुमारी ने विपक्षी सदस्यों से अपशब्द कहे और एक झगड़े में उलझ गए। यह घटना विधानसभा में चर्चा के दौरान हुई थी, और इसने राज्य की राजनीति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। कुमारी के इस व्यवहार को लेकर भाजपा के राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने उन्हें माफी मांगने का निर्देश दिया है।
घटना का विवरण
रूपज्योति कुमारी, जो 2006 से Assam Assembly के मारियानी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, भाजपा में शामिल होने से पहले कांग्रेस के सदस्य थे। उन्होंने 2021 में भाजपा जॉइन की थी। शुक्रवार को जब विधानसभा में चर्चा चल रही थी, कुमारी विपक्षी विधायकों से भिड़ गए और अपशब्दों का प्रयोग किया। इस दौरान उन्होंने विपक्षी सदस्यों के प्रति बहुत ही आक्रामक रुख अपनाया और उनसे भिड़ने की कोशिश की, जिसे विधानसभा के मार्शलों ने रोक दिया।
सदन की कार्यवाही में इन अपशब्दों को रेकॉर्ड से हटा दिया गया था। इसके बावजूद, यह घटना राज्य में चर्चा का विषय बन गई और असम भाजपा के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गई। भाजपा ने इस घटना की निंदा की और कुमारी से माफी की मांग की।
Assam Assembly भा.ज.पा. का रुख और दिलीप सैकिया का बयान
भा.ज.पा. के राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने कुमारी को पत्र लिखकर उनके व्यवहार को पार्टी की साख के खिलाफ बताया। सैकिया ने कहा कि भाजपा एक अनुशासित पार्टी है और इस तरह का व्यवहार पार्टी के आदर्शों और मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कुमारी से भविष्य में इस प्रकार के व्यवहार से बचने और असम की जनता से माफी मांगने का अनुरोध किया।
पत्र में सैकिया ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटना पार्टी की छवि को प्रभावित करती है और भाजपा को उम्मीद है कि कुमारी इस तरह के व्यवहार को भविष्य में दोहराएंगे नहीं।
Assam Assembly रूपज्योति कुमारी की प्रतिक्रिया
रूपज्योति कुमारी ने इस घटना के बाद विधानसभा में माफी मांगी थी, लेकिन भाजपा ने फिर भी उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा है। कुमारी ने माफी मांगते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ भी किया, वह अप्रत्याशित था और वह इससे बेहतर तरीके से व्यवहार कर सकते थे।
Assam Assembly भा.ज.पा. और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद
रूपज्योति कुमारी का यह विवाद भाजपा और कांग्रेस के बीच के राजनीतिक संबंधों को और जटिल बना सकता है। कुमारी, जो पहले कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे, और 2021 में भाजपा में शामिल हो गए थे, ने पहले कांग्रेस से अपनी नाराजगी जताई थी। अब उनका यह व्यवहार भाजपा के लिए भी परेशानी का कारण बन गया है, क्योंकि भाजपा के आदर्शों के खिलाफ उनका आक्रामक रुख देखा गया है।
इस घटनाक्रम ने Assam Assembly में विपक्ष और सत्ताधारी पक्ष के बीच की राजनीति को और तीव्र कर दिया है। विपक्षी दलों ने कुमारी के व्यवहार की कड़ी आलोचना की है, जबकि भाजपा ने इस पर अनुशासन और जिम्मेदारी का रुख अपनाया है।
भविष्य में प्रभाव
Assam Assembly भा.ज.पा. के राज्य अध्यक्ष दिलीप सैकिया का बयान और कुमारी से माफी की मांग भाजपा की स्पष्ट स्थिति को दर्शाता है कि वे अपने सांसदों और विधायकों से उच्च मानकों का पालन करने की उम्मीद रखते हैं। यह घटना आगामी विधानसभा चुनावों और भाजपा की राज्य में स्थिति पर असर डाल सकती है, क्योंकि यह सीधे तौर पर पार्टी की अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशीलता को प्रभावित करता है।
निष्कर्ष Assam Assembly
Assam Assembly में कुमारी द्वारा किए गए इस आक्रामक व्यवहार ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा ने इसे अनुशासनहीनता के रूप में देखा और कुमारी से माफी की मांग की। यह घटना भाजपा के लिए एक चुनौती के रूप में सामने आई है, लेकिन इसने पार्टी को यह संदेश भी दिया है कि उन्हें अपने सभी विधायकों से जिम्मेदारी की उम्मीदें रखनी चाहिए। कुमारी की माफी और पार्टी के रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि असम में आगामी चुनावों और पार्टी की छवि पर इसका असर हो सकता है।
ये भी देखें:
Leave a Reply