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Today’s Update 2023 Manipur Violence: मणिपुर हिंसा मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.

मणिपुर हिंसा मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई:  सुप्रीम कोर्ट ने हिंसा मामले से जुड़े मुद्दों की पड़ताल और मानवीय सुविधाओं के लिए हाईकोर्ट के तीन पूर्व जजों की कमेटी बनाई है. ये कमेटी सीबीआई और पुलिस जांच से अलग मामलों को देखेगी. ये समिति महिलाओं से जुड़े अपराधों के लिए हाईकोर्ट के तीन पूर्व जजों की कमेटी बनाई है. ये कमेटी सीबीआई और पुलिस जांच से अलग मामलों को देखेगी. ये समिति महिलाओं से जुड़े अपराधों
वायरल वीडियो मामले की सुनवाई नहीं की ट्रांसफर: हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने वायरल वीडियो मामले के मुकदमे को राज्य के बाहर ट्रांसफर करने का आदेश नहीं दिया. केंद्र और राज्य सरकार ने मामले को सुनवाई के लिए राज्य के बाहर भेजे जाने का अनुरोध किया था.

 केंद्र और राज्य की ओर से पेश हुए अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कोर्ट ने कहा, “हमारे लिए आज ट्रायल को स्थानांतरित करने का निर्देश देना जल्दबाजी होगी क्योंकि हम अभी भी जांच के चरण में हैं. हम अनुरोध को अस्वीकार नहीं कर रहे हैं, लेकिन आज इस पर निर्णय नहीं ले रहे हैं.”

बाहरी राज्यों के अधिकारी जांच में होंगे शामिल: प्रीम कोर्ट ने जांच में बाहरी राज्यों को पुलिस अधिकारियों को शामिल करने का आदेश भी दिया है. मणिपुर के बाहर के कम से कम 5 डिप्टी एसपी रैंक के अधिकारी महिलाओं के खिलाफ हिंसा की जांच कर रही सीबीआई टीम से जुड़े रहेंगे. वहीं, सीबीआई के एक संयुक्त निदेशक स्तर का अधिकारी आगे इन जांच पर नजर रखेगा.
मणिपुर में जातीय हिंसा (  Image) file photos ;
<मणिपुर हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास की चिंता, सुप्रीम कोर्ट ने बनाई कमिटी:    सीजेआई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी दत्ता पडसालगिकर को जांच की प्रगति की निगरानी करने और समय-समय पर रिपोर्ट पेश करने के लिए प्रभारी नियुक्त करते हुए कहा, “हम एक अतिरिक्त निरीक्षण लेयर चाहते हैं, जो हमें रिपोर्ट करेगी.” पीठ में जस्टिस जेपी पारदीवाल और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे.सभी हरसंभव संसाधनों और स्रोतों का इस्तेमाल करें. स्थानीय लोग, सक्षम नागरिक संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता यानी एक्टिविस्ट, पीड़ित लोगों में से कुछ को इसमें शामिल किया जा सकता है. जांच के लिए ये जरूरी है. मणिपुर सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल ने कहा कि   अपराधों की जांच के लिए 6 जिलों के लिए वरिष्ठ पुलिस धिकारियों को शामिल करते हुए 6  SIT का गठन किया है.हिंसा, अशांति और नफरत के दौरान महिलाओं के खिलाफ पराधों के लिए महिला पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई जा रही है.  h

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