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Stock Market crash: 1 दिन में कोहराम, Sensex-Nifty बुरी तरह टूटे

Stock Market crash 

शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स–निफ्टी की भारी गिरावट ने निवेशकों को झकझोरा

मंगलवार, 20 जनवरी 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक साबित हुआ। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन घरेलू इक्विटी मार्केट में ऐसी ज़बरदस्त बिकवाली देखने को मिली, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। बाजार खुलते ही दबाव में आ गया और दिन के अंत तक यह दबाव और गहराता चला गया। विश्लेषकों और निवेशकों के बीच इसे एक गंभीर Stock Market crash  जैसी स्थिति के रूप में देखा जाने लगा, क्योंकि लगभग पूरे बाजार में लाल निशान छा गया।


सेंसेक्स–निफ्टी का हाल: अंकों में बड़ी टूट

मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 82,180.47 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 353 अंक यानी 1.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,232.50 अंक पर आ गया।

यह गिरावट सिर्फ तकनीकी करेक्शन तक सीमित नहीं थी, बल्कि व्यापक पैमाने पर बिकवाली के कारण इसे बाजार में Stock Market crash  जैसी स्थिति माना गया, क्योंकि लगभग हर सेक्टर में दबाव देखने को मिला।


सिर्फ एक शेयर हरे निशान में: सेंसेक्स का चौंकाने वाला आंकड़ा

इस दिन की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ एक शेयर—HDFC Bank ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। बाकी की सभी 29 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

निफ्टी 50 का हाल भी कुछ बेहतर नहीं रहा। निफ्टी की 50 कंपनियों में से सिर्फ 3 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि 47 शेयर गिरावट में बंद हुए। इस तरह की व्यापक गिरावट को निवेशक लंबे समय तक याद रखने वाले हैं और कई लोग इसे हालिया वर्षों का बड़ा Stock Market crash  मान रहे हैं।


बाजार में बिकवाली की बड़ी वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार इस भारी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं।

1. वैश्विक टैरिफ वॉर की आशंका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों और नीतियों से एक नए टैरिफ वॉर की आशंका पैदा हो गई है। वैश्विक व्यापार में तनाव की इस संभावना ने निवेशकों के बीच डर का माहौल बना दिया, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।

2. सुरक्षित निवेश की ओर रुझान

शेयर बाजार से पूंजी निकालकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में पैसा लगाया जा रहा है। जब जोखिम बढ़ता है, तो निवेशक इक्विटी से दूरी बनाते हैं, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ जाता है।

3. विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने मंगलवार को बड़े पैमाने पर भारतीय शेयरों की बिक्री की। यह लगातार जारी बिकवाली इस Stock Market crash के पीछे एक अहम वजह मानी जा रही है।


सेंसेक्स शेयरों का विस्तृत प्रदर्शन

मंगलवार को सेंसेक्स के लगभग सभी दिग्गज शेयर धराशायी हो गए।

इसके अलावा आईटी, ऑटो, फार्मा और कंज्यूमर सेक्टर के लगभग सभी शेयर लाल निशान में बंद हुए। इस तरह की ऑल-राउंड गिरावट को निवेशक बाजार में आए गहरे Stock Market crash  के संकेत के रूप में देख रहे हैं।


HDFC Bank क्यों रहा अपवाद?

जहां पूरा बाजार गिरावट में डूबा हुआ था, वहीं HDFC Bank का शेयर लगभग 0.38 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक की मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर आय और निवेशकों का भरोसा इसके पीछे की वजह है।

हालांकि, सिर्फ एक शेयर का हरा रहना इस बात को और उजागर करता है कि बाजार में गिरावट कितनी व्यापक और गंभीर थी—जो फिर से Stock Market crash  की ओर इशारा करती है।


सेक्टरवाइज दबाव: कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं

इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार को चारों ओर से दबाव में डाल दिया, जिससे निवेशकों को एक और Stock Market crash  का एहसास हुआ।


छोटे निवेशकों पर असर

इस गिरावट का सबसे बड़ा असर छोटे और रिटेल निवेशकों पर पड़ा। जिन निवेशकों ने हाल के महीनों में ऊंचे स्तर पर निवेश किया था, उनके पोर्टफोलियो में एक ही दिन में भारी गिरावट आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में घबराहट में बिकवाली करना नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि Stock Market crash  के बाद अक्सर रिकवरी की संभावना भी बनती है।


क्या यह करेक्शन है या बड़ी गिरावट की शुरुआत?

यह सवाल हर निवेशक के मन में है। क्या यह सिर्फ एक अस्थायी करेक्शन है या किसी लंबे मंदी के दौर की शुरुआत?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की चाल आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगी। अगर वैश्विक हालात नहीं सुधरे, तो मौजूदा Stock Market crash  और गहरा सकता है।


निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?

  1. घबराकर जल्दबाजी में फैसले न लें

  2. मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें

  3. लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखें

  4. पोर्टफोलियो में विविधता (डाइवर्सिफिकेशन) बनाए रखें

विशेषज्ञों का कहना है कि हर Stock Market crash  अपने साथ नए अवसर भी लेकर आता है, बशर्ते निवेशक धैर्य और समझदारी से कदम उठाएं।


निष्कर्ष: चेतावनी और मौका—दोनों साथ

20 जनवरी 2026 का दिन शेयर बाजार के इतिहास में एक चेतावनी के रूप में दर्ज हो गया। एक तरफ यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, तो दूसरी तरफ यह याद दिलाती है कि बाजार हमेशा सीधी रेखा में नहीं चलता।

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