शेयर बाजार में गिरावट: हफ्ते के पहले दिन निवेशकों को झटका, आईटी शेयरों ने बिगाड़ी चाल
सोमवार, 5 जनवरी 2026 को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत भले ही संभली हुई दिखी हो, लेकिन कारोबार के अंत तक बाजार दबाव में आ गया और गिरावट के साथ बंद हुआ। Share Market decline का असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों पर साफ देखने को मिला। निवेशक दिनभर बाजार की दिशा समझने की कोशिश करते रहे, लेकिन दोपहर के बाद बढ़ी बिकवाली ने धारणा को कमजोर कर दिया।
बीएसई सेंसेक्स 322.39 अंकों यानी 0.38 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,439.62 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 78.25 अंक या 0.30 प्रतिशत टूटकर 26,250.30 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब निवेशक नए साल की शुरुआत में बाजार से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाए बैठे थे।
बाजार की चाल: सुबह संभलाव, दोपहर में दबाव
कारोबार की शुरुआत में बाजार ने हल्की गिरावट के साथ ओपनिंग की थी। शुरुआती घंटों में कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी कुछ समय के लिए हरे निशान में भी आ गए थे। हालांकि, यह तेजी टिक नहीं पाई और दिन चढ़ने के साथ बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता, आईटी सेक्टर में कमजोरी और बैंकिंग शेयरों में चुनिंदा मुनाफावसूली की वजह से Share Market decline देखने को मिला। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े दांव लगाने से बचते दिखे।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली
सोमवार के कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे कमजोर साबित हुआ। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में एक से दो प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों से आई कमजोर मांग के संकेत, साथ ही डॉलर में उतार-चढ़ाव, आईटी कंपनियों पर दबाव बना रहे हैं। यही वजह है कि Share Market decline में आईटी शेयरों की भूमिका अहम रही।
सेंसेक्स के आंकड़े: 30 में से 14 शेयर लाल निशान में
सोमवार को सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 16 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 14 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं था, लेकिन चुनिंदा बड़े शेयरों की कमजोरी ने इंडेक्स को नीचे खींच लिया।
बीईएल (Bharat Electronics Limited) के शेयर सबसे ज्यादा 2.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इसके उलट, एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा 2.35 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली, जिसने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
निफ्टी 50 का हाल: गिरावट का दायरा ज्यादा
निफ्टी 50 की 50 कंपनियों में से 23 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 27 शेयरों में नुकसान दर्ज किया गया। यह आंकड़ा भी बताता है कि Share Market decline का असर व्यापक रहा।
बैंकिंग, आईटी और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों में कमजोरी के कारण निफ्टी दबाव में रहा, जबकि मेटल, सीमेंट और कंज्यूमर सेक्टर ने कुछ हद तक संभलने की कोशिश की।
बढ़त के साथ बंद होने वाले प्रमुख शेयर
आज जिन शेयरों ने निवेशकों को राहत दी, उनमें शामिल हैं:
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हिंदुस्तान यूनिलीवर: +1.62%
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टाटा स्टील: +1.56%
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अल्ट्राटेक सीमेंट: +1.53%
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एक्सिस बैंक: +1.45%
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एशियन पेंट्स: +1.40%
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आईसीआईसीआई बैंक: +1.23%
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मारुति सुजुकी: +1.12%
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टाइटन: +0.70%
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एसबीआई: +0.60%
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ट्रेंट: +0.47%
इन शेयरों की मजबूती से बाजार को पूरी तरह टूटने से रोकने में मदद मिली, लेकिन यह तेजी इंडेक्स को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं थी।
निवेशकों को नुकसान पहुंचाने वाले शेयर
दूसरी ओर, कई बड़े शेयरों ने बाजार को नीचे खींचा:
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इंफोसिस: -2.09%
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एचसीएल टेक: -2.00%
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बजाज फाइनेंस: -1.21%
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टीसीएस: -1.09%
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रिलायंस इंडस्ट्रीज: -0.94%
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टेक महिंद्रा: -0.78%
इन शेयरों में आई गिरावट ने Share Market decline को और गहरा कर दिया।
एचडीएफसी बैंक की गिरावट बनी चिंता
सोमवार के कारोबार में एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 2.35 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग सेक्टर में यह गिरावट खास तौर पर निवेशकों के लिए चिंता का विषय रही, क्योंकि बैंकिंग शेयर आमतौर पर बाजार को स्थिरता देते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एचडीएफसी बैंक में हालिया बिकवाली मुनाफावसूली और कुछ तकनीकी कारणों की वजह से हुई है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अभी भी बैंक के फंडामेंटल्स मजबूत बताए जा रहे हैं।
सेक्टर आधारित प्रदर्शन: मिला-जुला रुझान
अगर सेक्टर के हिसाब से देखें तो:
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आईटी सेक्टर: सबसे ज्यादा दबाव
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बैंकिंग: चुनिंदा शेयरों में कमजोरी
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मेटल: सीमित खरीदारी
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एफएमसीजी: हल्की मजबूती
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ऑटो: मिला-जुला प्रदर्शन
इस तरह का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि Share Market decline पूरी तरह से एकतरफा नहीं था, बल्कि सेक्टर-विशेष कारकों से प्रभावित रहा।
निवेशकों की रणनीति क्या होनी चाहिए?
बाजार में गिरावट के ऐसे दौर में निवेशकों को घबराने की बजाय समझदारी से कदम उठाने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि:
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लंबी अवधि के निवेशक अच्छी कंपनियों में चरणबद्ध तरीके से निवेश कर सकते हैं।
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शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और स्टॉप लॉस का पालन करना चाहिए।
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आईटी और बैंकिंग जैसे सेक्टरों में जल्दबाजी से बचना चाहिए।
Share Market decline के दौरान भावनात्मक फैसले नुकसान बढ़ा सकते हैं।
वैश्विक संकेतों का असर
सोमवार को वैश्विक बाजारों से भी मिले-जुले संकेत मिले। अमेरिकी बाजारों में स्थिरता के बावजूद एशियाई बाजारों में सतर्कता का माहौल रहा। कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आंकड़े और केंद्रीय बैंकों के संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
आगे बाजार से क्या उम्मीद?
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर:
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कंपनियों के तिमाही नतीजों
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वैश्विक आर्थिक संकेतों
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ब्याज दरों को लेकर अपडेट
पर रहेगी। अगर सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाजार में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल Share Market decline ने निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत दे दिया है।
निष्कर्ष
5 जनवरी 2026 का कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहा। आईटी शेयरों में भारी बिकवाली, बैंकिंग सेक्टर में कमजोरी और मुनाफावसूली के चलते बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि, कुछ सेक्टरों और शेयरों में मजबूती ने बाजार को पूरी तरह टूटने से बचाया।
कुल मिलाकर, Share Market decline निवेशकों के लिए यह याद दिलाने वाला सत्र रहा कि बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है और संतुलित, सोच-समझकर की गई निवेश रणनीति ही लंबे समय में फायदा देती है।
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