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PM Modi Bangkok Plan Of Action: भारत ने चीन को चुनौती दी!

PM Modi Bangkok Plan Of Action

PM Modi Bangkok Plan Of Action: पीएम मोदी और थाई पीएम के बीच ‘लैंड-ब्रिज’ परियोजना पर चर्चा: भारत-थाईलैंड रिश्तों में एक नई दिशा

भारत और थाईलैंड के रिश्ते दिन-प्रतिदिन मजबूत होते जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके थाई समकक्ष पेटोंगटर्न शिनावात्रा के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें दोनों देश ‘लैंड-ब्रिज’ परियोजना पर चर्चा करेंगे। यह परियोजना थाईलैंड द्वारा 87 किलोमीटर लंबी एक राजमार्ग और रेलवे लिंक बनाने का प्रस्ताव है, जो मलय प्रायद्वीप को जोड़ते हुए अंडमान सागर और थाईलैंड की खाड़ी को एक-दूसरे से जोड़ेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य माल की आवाजाही को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाना है।

PM Modi Bangkok Plan Of Action: लैंड-ब्रिज परियोजना पर चर्चा

PM Modi Bangkok Plan Of Action के तहत इस परियोजना पर गहरी चर्चा होने की संभावना है।PM Modi Bangkok Plan Of Action थाईलैंड का मानना है कि भारत को इस परियोजना में भागीदार बनाना इसके लिए फायदेमंद होगा, क्योंकि भारत का व्यापारिक और रणनीतिक महत्व बढ़ रहा है। यह परियोजना वर्तमान में मलक्का जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल और अन्य मालवाहन जहाजों के लिए एक वैकल्पिक और सस्ता मार्ग प्रदान करेगी। यह जलडमरूमध्य एशिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम समुद्री मार्गों में से एक है, जो भारतीय महासागर और पश्चिमी प्रशांत महासागर को जोड़ता है।

चीन ने इस परियोजना में अपनी गहरी रुचि दिखाई है, क्योंकि यह उसे मलक्का जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता को कम करने का एक समाधान प्रदान कर सकती है। यह जलडमरूमध्य एक संकीर्ण जलमार्ग है, जो माल्या प्रायद्वीप और इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप के बीच स्थित है। चीन के लिए यह जलमार्ग महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके माध्यम से वह अपनी ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को चलाता है।

भारत की रणनीतिक स्थिति और चिंताएं

भारत के लिए PM Modi Bangkok Plan Of Action में इस परियोजना का हिस्सा बनने का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे चीन के बढ़ते प्रभाव को सीमित किया जा सकता है। भारत ने पहले ही चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ परियोजना को लेकर अपनी चिंताओं को सार्वजनिक किया है, जिसके तहत चीन भारत के आसपास के देशों में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।

भारत, थाईलैंड के ‘लैंड-ब्रिज’ परियोजना में भागीदारी पर विचार कर सकता है ताकि चीन को इस महत्वपूर्ण मार्ग पर पूरी तरह से नियंत्रण न मिल सके। यदि भारत इस परियोजना में शामिल होता है, तो यह न केवल चीन के लिए एक प्रतियोगिता बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा।

PM Modi Bangkok Plan Of Action: भारत-थाईलैंड रिश्तों की नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिनावात्रा के बीच होने वाली बैठक में दो देशों के रिश्तों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। भारत-थाईलैंड रिश्ते पहले से ही कई क्षेत्रों में मजबूत हैं, जिनमें रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल हैं।

भारत और थाईलैंड दोनों ही देशों के बीच इस समय समुद्री और भूमि कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। यह परियोजना इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूत करने का एक तरीका बन सकती है।

PM Modi Bangkok Plan Of Action: चीन और थाईलैंड के दृष्टिकोण

चीन ने इस परियोजना में अपनी रुचि दिखाई है, क्योंकि यह उसे मलक्का जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने और व्यापारिक सुरक्षा बढ़ाने का अवसर देता है। चीन के सरकारी और राज्य-स्वामित्व वाले संस्थानों ने पहले ही इस परियोजना में निवेश करने में रुचि दिखाई है।

वहीं, भारत के दृष्टिकोण से यह परियोजना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भारत को अपने समुद्री सीमाओं को और सुरक्षित करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, यह भारत को अपने व्यापारिक संबंधों को और बढ़ाने का एक मौका देगा, खासकर जब बात दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से संबंध बढ़ाने की हो।

भारत की भूमिका और भविष्य की योजना

भारत थाईलैंड के साथ PM Modi Bangkok Plan Of Action के तहत इस परियोजना में शामिल होने का अवसर देख सकता है, विशेष रूप से उन हिस्सों में जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। भारत का उद्देश्य यह है कि वह इस परियोजना में अपने हितों की रक्षा करते हुए, चीन के संभावित प्रभुत्व को चुनौती दे सके।

इस संबंध में, थाईलैंड ने भारत को पहले ही इस परियोजना में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया था, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने थाईलैंड के अपने समकक्ष से मुलाकात की थी।

सम्भावनाएँ और चुनौती

इस परियोजना में भारत की भागीदारी न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने में भी मदद करेगी। हालांकि, इसके साथ ही यह चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एक बड़ी चुनौती हो सकती है। यदि भारत इस परियोजना में हिस्सा लेता है, तो यह न केवल चीन के लिए एक कड़ी चुनौती बनेगा, बल्कि थाईलैंड के साथ भारत के संबंधों को और भी प्रगाढ़ करेगा।

निष्कर्ष

PM Modi Bangkok Plan Of Action के तहत भारत और थाईलैंड के बीच बढ़ते संबंधों और ‘लैंड-ब्रिज’ परियोजना की दिशा में होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण है। भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह इस परियोजना में अपनी भूमिका निभाते हुए, चीन के बढ़ते प्रभुत्व को चुनौती दे सके। इस परियोजना में भागीदार बनकर भारत क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सुनिश्चित कर सकता है, साथ ही अपने व्यापारिक और रणनीतिक हितों को भी मजबूत कर सकता है।

भारत-थाईलैंड द्विपक्षीय संबंधों की नई दिशा और यह परियोजना आने वाले समय में दोनों देशों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकती है।

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