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PM Kisan EKYC: 3 बड़े तरीके, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

PM Kisan EKYC

PM किसान सम्मान निधि योजना में ई-केवाईसी क्यों है ज़रूरी? जानिए पूरी प्रक्रिया और फायदे

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं है। खेती पर निर्भर छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत केंद्र सरकार हर साल पात्र किसानों को 6,000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करती है। हालांकि, समय के साथ योजना को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इन्हीं बदलावों में से सबसे अहम है PM Kisan EKYC को अनिवार्य किया जाना।

सरकार का मानना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के जरिए ही यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि योजना का लाभ सही और वास्तविक किसान तक पहुंचे। कई बार गलत जानकारी, फर्जी नाम या डुप्लीकेट रिकॉर्ड की वजह से वास्तविक किसानों की किस्त अटक जाती है। ऐसे मामलों से बचने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।


PM किसान योजना की शुरुआत और उद्देश्य

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी और इसे 1 दिसंबर 2018 से प्रभावी माना गया। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े खर्चों, बीज, खाद, उपकरण और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता देना है। इस योजना के अंतर्गत भूमि धारक किसान परिवार पात्र माने जाते हैं, बशर्ते उनका नाम राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के भूमि रिकॉर्ड में दर्ज हो।

योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं, जो तीन बराबर किस्तों (₹2,000-₹2,000) में सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजे जाते हैं। इसी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए PM Kisan EKYC को लागू किया गया है।


ई-केवाईसी क्या है और क्यों जरूरी है?

ई-केवाईसी यानी “इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर” एक डिजिटल पहचान सत्यापन प्रक्रिया है, जिसमें आधार के माध्यम से लाभार्थी की पहचान की पुष्टि की जाती है। इस प्रक्रिया के जरिए यह जांच होती है कि लाभ लेने वाला व्यक्ति वास्तविक है और योजना की पात्रता शर्तों को पूरा करता है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिना PM Kisan EKYC के किसान को अगली किस्त नहीं मिलेगी। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके और योजना का पैसा सही किसानों तक पहुंचे।


राजस्थान सहित देशभर में किसानों को क्यों हो रही दिक्कत?

राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों में लाखों किसान अभी तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। कई किसानों को प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, तो कुछ तकनीकी समस्याओं की वजह से पिछड़ रहे हैं। वहीं, बुजुर्ग किसानों और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए डिजिटल प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है।

इसी वजह से प्रशासन और कृषि विभाग लगातार किसानों से अपील कर रहा है कि वे समय रहते PM Kisan EKYC पूरी कर लें, ताकि उनकी किस्त न रुके।


घर बैठे OTP से ई-केवाईसी कैसे करें?

अगर किसान का मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, तो वे घर बैठे बेहद आसानी से ई-केवाईसी कर सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

  2. “e-KYC” विकल्प पर क्लिक करें

  3. अपना आधार नंबर दर्ज करें

  4. आधार से जुड़े मोबाइल पर आए OTP को भरें

  5. सबमिट करते ही ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी

यह तरीका सबसे सरल, तेज और समय बचाने वाला है। OTP आधारित PM Kisan EKYC को सरकार भी प्राथमिक विकल्प मानती है।


बायोमेट्रिक ई-केवाईसी की सुविधा

जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इसके लिए किसान को आधार कार्ड साथ ले जाना होता है।

CSC केंद्र पर ऑपरेटर किसान के फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन के जरिए पहचान सत्यापित करता है। कुछ ही मिनटों में PM Kisan EKYC पूरी हो जाती है और किसान को उसकी रसीद भी दी जाती है।


मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन

डिजिटल सुविधा को और सरल बनाने के लिए सरकार ने पीएम किसान मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी दिया है। जिन किसानों के पास स्मार्टफोन है, वे ऐप डाउनलोड कर अपना चेहरा स्कैन करके ई-केवाईसी कर सकते हैं।

यह सुविधा खासकर उन किसानों के लिए लाभकारी है जो CSC केंद्र नहीं जा सकते। ऐप के जरिए की गई PM Kisan EKYC की स्थिति 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर अपडेट हो जाती है।


ई-केवाईसी नहीं कराने पर क्या होगा?

यदि कोई किसान तय समय सीमा के भीतर PM Kisan EKYC पूरी नहीं करता है, तो:

सरकार बार-बार स्पष्ट कर चुकी है कि ई-केवाईसी पूरा करना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्य शर्त है।


फर्जी लाभार्थियों पर लगेगा लगाम

सरकार के अनुसार, पहले चरणों में हजारों ऐसे नाम सामने आए थे जो योजना की पात्रता में नहीं आते थे, फिर भी लाभ ले रहे थे। PM Kisan EKYC लागू होने के बाद ऐसे नाम स्वतः सिस्टम से बाहर हो जाएंगे।

इससे सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ कम होगा और सही किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।


ई-केवाईसी स्टेटस कैसे चेक करें?

किसान अपनी ई-केवाईसी की स्थिति इस प्रकार जांच सकते हैं:

यदि स्टेटस में “e-KYC Completed” लिखा आए, तो समझिए आपकी PM Kisan EKYC पूरी हो चुकी है।


प्रशासन और सरकार की अपील

कृषि विभाग और जिला प्रशासन लगातार शिविर लगाकर किसानों की मदद कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसान किसी भी अफवाह में न आएं और जल्द से जल्द PM Kisan EKYC पूरी करें।

सरकार का दावा है कि इस प्रक्रिया से योजना ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और किसान हितैषी बनेगी।


निष्कर्ष

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए सिर्फ एक सहायता राशि नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा का आधार है। लेकिन इस योजना का लाभ तभी मिलेगा जब किसान समय रहते PM Kisan EKYC पूरी करें।

ई-केवाईसी एक सरल, सुरक्षित और जरूरी प्रक्रिया है, जो किसानों को भविष्य की परेशानी से बचाती है। चाहे OTP हो, बायोमेट्रिक तरीका या मोबाइल ऐप—सरकार ने हर वर्ग के किसान के लिए विकल्प दिए हैं।

अगर किसान आज ई-केवाईसी करवा लेते हैं, तो न सिर्फ उनकी अगली किस्त सुरक्षित रहेगी, बल्कि योजना का लाभ लगातार मिलता रहेगा।

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