North India temperature: मार्च की शुरुआत में ही बढ़ी भीषण गर्मी, कई राज्यों में पारा सामान्य से 12 डिग्री ऊपर
भारत के कई हिस्सों में इस साल गर्मी का असर सामान्य से काफी पहले देखने को मिल रहा है। मार्च के शुरुआती दिनों में ही देश के कई राज्यों में तापमान तेजी से बढ़ गया है, जिससे लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि उत्तर भारत के कई इलाकों में तापमान सामान्य से 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों में North India temperature तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी का असर और भी ज्यादा महसूस किया जा सकता है।
उत्तर भारत में जल्दी शुरू हुई गर्मी
सामान्य तौर पर मार्च के महीने में उत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहता है और तापमान मध्यम स्तर पर होता है। लेकिन इस बार स्थिति अलग है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार North India temperature इस समय सामान्य से काफी अधिक है और कई जगहों पर पारा 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है।
यह स्थिति खासकर पहाड़ी राज्यों में ज्यादा चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि वहां इतनी जल्दी इतनी गर्मी आमतौर पर देखने को नहीं मिलती।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में रिकॉर्ड गर्मी
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, जिसमें जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं, इस समय असामान्य गर्मी का सामना कर रहा है।
IMD के अनुसार इन राज्यों में दिन का तापमान अगले कुछ दिनों तक सामान्य से 8 से 12 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रह सकता है।
यह स्थिति North India temperature में अचानक आई तेज बढ़ोतरी को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गर्मी आमतौर पर अप्रैल के अंत या मई के महीने में देखने को मिलती है।
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी बढ़ा तापमान
केवल पहाड़ी इलाके ही नहीं बल्कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर तेजी से बढ़ रहा है।
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली जैसे क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 6 से 8 डिग्री तक अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में North India temperature इसी तरह ऊंचा बना रह सकता है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी इस समय मौसम काफी गर्म हो गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा।
इस स्थिति से साफ है कि North India temperature राजधानी क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ रहा है।
हीटवेव की चेतावनी
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कुछ स्थानों पर हीटवेव की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि उत्तर भारत में बढ़ते तापमान के कारण North India temperature पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कई शहरों में 40 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
देश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है।
महाराष्ट्र के अमरावती में हाल ही में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजस्थान और तेलंगाना के कई क्षेत्रों में भी तापमान 37 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि North India temperature में तेजी से बढ़ोतरी इस साल की गर्मी को और ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
क्या मिलेगी राहत?
मौसम विभाग के अनुसार 9 मार्च के बाद एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है।
इसके कारण तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
यदि यह सिस्टम सक्रिय होता है तो North India temperature में कुछ राहत मिल सकती है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश की संभावना
जहां उत्तर भारत में गर्मी का असर बढ़ रहा है, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
IMD के अनुसार 8 मार्च को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की बारिश हो सकती है।
इसके अलावा केरल, माहे और तटीय आंध्र प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
हालांकि इन क्षेत्रों में बारिश होने के बावजूद North India temperature में तुरंत बड़ा बदलाव होने की संभावना कम है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश
सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना है।
इन क्षेत्रों में बारिश होने से मौसम थोड़ा सुहावना हो सकता है।
लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में गर्मी की स्थिति फिलहाल बनी रह सकती है और North India temperature सामान्य से अधिक रह सकता है।
गर्मी के पीछे क्या है कारण?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार जल्दी गर्मी आने के पीछे कई कारण हैं।
सबसे बड़ा कारण है पश्चिमी विक्षोभ की कमी।
सर्दियों के अंत में सामान्य तौर पर कई पश्चिमी विक्षोभ आते हैं जो तापमान को नियंत्रित रखते हैं।
लेकिन इस बार इनकी संख्या कम रही है, जिससे North India temperature तेजी से बढ़ गया है।
जलवायु परिवर्तन का असर
कई विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण मौसम के पैटर्न में बदलाव हो रहा है।
गर्मी का जल्दी आना और तापमान का अचानक बढ़ना इसी बदलाव का संकेत हो सकता है।
इसलिए भविष्य में North India temperature में ऐसे उतार-चढ़ाव और अधिक देखने को मिल सकते हैं।
लोगों के लिए सावधानी
गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे:
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धूप में कम निकलें
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पर्याप्त पानी पिएं
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हल्के कपड़े पहनें
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ज्यादा देर तक धूप में रहने से बचें
क्योंकि बढ़ते North India temperature का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।
किसानों पर असर
अचानक बढ़ते तापमान का असर कृषि पर भी पड़ सकता है।
विशेष रूप से गेहूं और सरसों की फसलों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि North India temperature इसी तरह बढ़ता रहा तो फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष
मार्च की शुरुआत में ही उत्तर भारत में गर्मी का तेजी से बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में तापमान सामान्य से 12 डिग्री तक ऊपर पहुंच गया है।
हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ राहत मिल सकती है।
लेकिन फिलहाल स्थिति यही संकेत देती है कि North India temperature इस साल सामान्य से ज्यादा रह सकता है और लोगों को समय रहते सावधानी बरतने की जरूरत है।
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