आज़ाद मैदान मुंबई में Manoj Jarange की मराठा आरक्षण आंदोलन के लिए पहुंचने का जश्न
Manoj Jarange जो अपने गांव से इस आंदोलन की शुरुआत करने के बाद मुंबई पहुंचे, के समर्थकों द्वारा उनका स्वागत किया गया। उनका आंदोलन और आक्रोश मुंबई में होने वाले एक ऐतिहासिक प्रदर्शन की ओर बढ़ते हुए है। यह आंदोलन विशेष रूप से मराठा समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर हो रहा है। 29 अगस्त 2025 को, मुंबई के प्रमुख स्थल, आज़ाद मैदान मुंबई पर उनका प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन मराठा समुदाय के लिए दस प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर हो रहा था।
Manoj Jarange का मार्च और समर्थन
Manoj Jarange ने 26 अगस्त को अपने गांव, जलना जिले से इस आंदोलन को शुरू किया था। वह अपने साथ सैकड़ों समर्थकों को लेकर मुंबई पहुंचे। आज़ाद मैदान मुंबई तक पहुंचने से पहले, वह वाशी में एक स्वागत समारोह में शामिल हुए। उनके समर्थकों का उत्साह देखने योग्य था, और हर जगह उनके समर्थन में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। Manoj Jarangeऔर उनके समर्थक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का वादा कर रहे थे।
उनका मुख्य उद्देश्य यह था कि मराठा समुदाय के लिए ओबीसी श्रेणी में 10% आरक्षण दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि सभी मराठों को कुणबी जाति में शामिल किया जाए, ताकि वे सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण के पात्र हो सकें।
आज़ाद मैदान मुंबई में प्रदर्शन की तैयारी
Manoj Jarange मणोज जारंगे और उनके समर्थकों ने आज़ाद मैदान मुंबई में 29 अगस्त को सुबह 9 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के लिए अनुमति प्राप्त की थी। मुंबई पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और यह सुनिश्चित किया था कि कोई भी अप्रिय घटना न घटे। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि वहां पर 5000 से ज्यादा लोग इकट्ठा न हों और 5 वाहनों से अधिक समर्थन न आए।
पुलिस ने 1500 से अधिक कर्मचारियों को आज़ाद मैदान मुंबई में तैनात किया था ताकि वे शांति बनाए रख सकें। इसके अलावा, रेलवे पुलिस ने भी छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर सुरक्षा बढ़ा दी थी, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में समर्थक आ रहे थे।
सड़क परिवहन और यातायात व्यवस्था
मुंबई में प्रदर्शन के चलते सड़कों की स्थिति भी प्रभावित हुई। आज़ाद मैदान मुंबई के पास के महत्वपूर्ण सड़कों, जैसे कि सायन-पनवेल हाईवे और ईस्टर्न फ्रीवे को सभी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था, सिवाय आपातकालीन सेवाओं के। यह कदम सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया था।
पुलिस विभाग ने यह आदेश जारी किया था कि शुक्रवार सुबह 6 बजे से लेकर आगे के आदेश तक ये सड़कों पर कोई भी वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। इसमें सायन-पनवेल रोड, वानपुराव रोड, ईस्टर्न फ्रीवे, पी डी मेला रोड और अन्य प्रमुख सड़कों को शामिल किया गया था।
समाज और सरकार की प्रतिक्रिया
मराठा आरक्षण आंदोलन की इस पहल ने न केवल मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र में एक नया मोड़ लिया है। सरकार को यह एहसास हो गया है कि मराठा समुदाय के भीतर की असंतोष को हल करना जरूरी है और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उन्हें ध्यान देना पड़ेगा। इस आंदोलन ने मराठा समुदाय के अधिकारों को और अधिक मुखर बना दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को इस स्थिति में और अधिक सक्रिय रूप से कदम उठाने की आवश्यकता है। मराठा आरक्षण आंदोलन, जो कई वर्षों से चल रहा था, अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
मुंबई पुलिस ने इस प्रदर्शन को सुरक्षित और शांति से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए थे। पुलिस के अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
Manoj Jarange का महत्व
13170-2Manoj Jarange का नाम अब मराठा समुदाय के भीतर एक प्रतीक बन चुका है। उन्होंने इस आंदोलन को अपनी पूरी ताकत से आगे बढ़ाया है। उनकी उपस्थिति और उनके द्वारा किए गए प्रयास ने न केवल मराठा समाज को एकजुट किया है, बल्कि यह पूरे राज्य में इस मुद्दे को और अधिक जोर-शोर से उठाने का काम किया है।
निष्कर्ष
इस समय आज़ाद मैदान मुंबई में चल रहे प्रदर्शन और Manoj Jarange के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि उन्हें इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। आने वाले दिनों में, यह देखना होगा कि इस आंदोलन का क्या प्रभाव पड़ता है और क्या यह मराठा समुदाय को उनके अधिकार दिलाने में सफल हो पाएगा या नहीं।
आज़ाद मैदान मुंबई में यह प्रदर्शन एक और संकेत देता है कि लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ाई जारी रखेंगे, चाहे जो भी परिस्थितियाँ हों।
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