KEI Share Price: आदानी और अल्ट्राटेक के प्रवेश से केईआई और अन्य कंपनियों के शेयरों में गिरावट
KEI Share Price में हाल ही में हुई गिरावट ने भारत के केबल्स और वायर उद्योग में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा दिया है। यह गिरावट KEI Industries Ltd., Polycab India Ltd., Havells India Ltd. और अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के शेयरों में देखी गई। इस गिरावट का मुख्य कारण आदानी एंटरप्राइजेज द्वारा केबल्स और वायर इंडस्ट्री में नए निवेश का ऐलान है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है।
इस लेख में हम KEI Share Price की गिरावट के कारणों, आदानी समूह और अल्ट्राटेक की हालिया घोषणाओं के प्रभाव, और उद्योग में हो रही प्रतिस्पर्धा के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे।
आदानी और अल्ट्राटेक का केबल्स और वायर उद्योग में प्रवेश
KEI Share Price और अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों के शेयरों में गिरावट तब आई जब आदानी एंटरप्राइजेज ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Kutch Copper Ltd. के माध्यम से एक JV कंपनी (जॉइंट वेंचर) की स्थापना की। इस जॉइंट वेंचर का नाम Praneetha Ecocables Ltd. रखा गया है, जिसमें Kutch Copper की 50% हिस्सेदारी होगी। यह कंपनी मेटल प्रोडक्ट्स, केबल्स और वायर के निर्माण, विपणन, वितरण, खरीद और बिक्री में संलग्न होगी।
इसके साथ ही, आदानी समूह केबल्स और वायर इंडस्ट्री में दूसरा बड़ा प्रवेशकर्ता बन गया है। इससे पहले, बिरला समूह ने UltraTech Cement के माध्यम से इस उद्योग में कदम रखा था। UltraTech का प्रवेश पहले ही KEI Industries जैसी स्थापित कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट का कारण बना था।
केईआई इंडस्ट्रीज और अन्य कंपनियों के शेयरों में गिरावट
KEI Share Price में 14% तक की गिरावट आई है, जबकि Polycab के शेयरों में 9% की गिरावट देखी गई है। इसके अलावा, Havells India और Finolex Cables के शेयरों में 4% से अधिक की गिरावट आई है। इस गिरावट ने इन कंपनियों के निवेशकों को चिंता में डाल दिया है, और इन कंपनियों के शेयर प्राइस में कमी देखी जा रही है।
बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से आदानी समूह और UltraTech Cement के द्वारा इस उद्योग में प्रवेश करने के कारण हुई है, जिससे मौजूदा कंपनियों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
KEI Industries का रुख और निवेशकों की प्रतिक्रिया
KEI Industries के CMD, अनिल गुप्ता ने पहले कहा था कि UltraTech को इस उद्योग में काम शुरू करने में कम से कम तीन साल लगेंगे, और केबल्स और वायर इंडस्ट्री में नए प्रवेश के लिए अभी भी पर्याप्त जगह है। इसके अलावा, RR Kabel के CFO, राजेश जैन ने भी यह कहा था कि UltraTech का प्रवेश उतना बुरा नहीं है जितना बाजार में डर फैलाया जा रहा है।
हालांकि, Elara Capital के उपाध्यक्ष हर्षित कापड़िया ने CNBC-TV18 से बातचीत में कहा था कि वे अभी केबल्स और वायर इंडस्ट्री में सतर्क रहेंगे और UltraTech की रणनीति के खुलने पर इस क्षेत्र में कुछ गिरावट हो सकती है।
आदानी एंटरप्राइजेज और पॉलिकैब के प्रदर्शन में अंतर
Adani Enterprises के शेयर पिछले एक महीने में 6.3% तक बढ़े हैं, जबकि Polycab के शेयरों में 6% की गिरावट आई है। इससे यह साफ होता है कि जहां एक ओर आदानी समूह का प्रदर्शन सकारात्मक रहा है, वहीं दूसरी ओर Polycab और अन्य कंपनियां मौजूदा बाजार परिस्थितियों के कारण संघर्ष कर रही हैं।
KEI Share Price के साथ-साथ अन्य कंपनियों को आदानी समूह और UltraTech के द्वारा किए गए प्रवेश के प्रभाव को समय के साथ देखना होगा।
भारत के केबल्स और वायर उद्योग में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
KEI Share Price में गिरावट के साथ, भारत के केबल्स और वायर उद्योग में प्रतिस्पर्धा और भी बढ़ने की संभावना है। आदानी समूह और UltraTech Cement जैसी बड़ी कंपनियों के इस क्षेत्र में कदम रखने से मौजूदा कंपनियों के लिए अपने बाजार हिस्से को बचाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, कुछ विश्लेषक मानते हैं कि इस उद्योग में इतनी विस्तार की संभावनाएं हैं कि एक नया खिलाड़ी इस क्षेत्र में अपनी जगह बना सकता है। लेकिन इस क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक निवेश करने से पहले विकसित रणनीतियों और प्रदर्शन को समझना जरूरी है।
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