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England vs Sri lanka second ODI: Sri lanka का बड़ा दावा!

England vs Sri lanka second ODI

England vs Sri lanka second ODI: इंग्लैंड-श्रीलंका वनडे सीरीज़ में पिच विवाद ने बढ़ाई बहस

England vs Sri lanka : के बीच खेली जा रही वनडे सीरीज़ अपने रोमांच से ज़्यादा इस बार पिच विवाद के कारण सुर्खियों में रही। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए England vs Sri lanka second ODI के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं एक-दूसरे से बिल्कुल अलग रहीं। जहां इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने पिच को अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट के अनुकूल नहीं बताया, वहीं श्रीलंका के कप्तान चरिथ असलंका ने इस आलोचना पर सवाल खड़े किए।

यह मैच इंग्लैंड ने जीतकर सीरीज़ 1–1 से बराबर कर ली, लेकिन मैच के बाद चर्चा का मुख्य विषय रन, विकेट या नतीजा नहीं बल्कि पिच की गुणवत्ता बन गई।


हैरी ब्रुक और जो रूट की तीखी प्रतिक्रिया

मैच के बाद इंग्लैंड के बल्लेबाज़ हैरी ब्रुक ने पिच को अपने करियर की “सबसे खराब पिच” करार दिया। ब्रुक के इस बयान ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। जो रूट, जिन्होंने 90 गेंदों में अहम 75 रन बनाकर इंग्लैंड की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई, उन्होंने भी कहा कि यह वनडे क्रिकेट के लिए अच्छी विकेट नहीं थी।

हालांकि, इंग्लैंड का यह बयान ऐसे समय में आया जब टीम ने 220 रनों के लक्ष्य को 22 गेंदें शेष रहते और पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया था। यही बात श्रीलंकाई खेमे को खटक गई, खासकर England vs Sri lanka second ODI के संदर्भ में।


चरिथ असलंका का पलटवार

श्रीलंका के कप्तान चरिथ असलंका ने इंग्लैंड की पिच आलोचना पर कड़ा जवाब दिया। तीसरे वनडे से पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा,
“यह उनकी राय है, मेरी राय थोड़ी अलग हो सकती है। अगर उन्हें यह पिच खराब लगी, तो यह उनका व्यक्तिगत अनुभव है। लेकिन दोनों टीमों ने मिलकर इस मैच में 440 रन बनाए।”

असलंका का मानना था कि अगर पिच सच में इतनी खराब होती, तो इतने रन बनना संभव नहीं होता। उनके मुताबिक England vs Sri lanka second ODI में बल्लेबाज़ों को अवसर मिले और गेंदबाज़ों को भी कुछ मदद मिली, जो किसी भी संतुलित पिच की पहचान होती है।


2023 वर्ल्ड कप का उदाहरण

चरिथ असलंका ने अपनी बात को मजबूत करने के लिए 2023 वनडे वर्ल्ड कप का उदाहरण भी दिया। उन्होंने उस मैच का ज़िक्र किया, जिसमें बेंगलुरु में इंग्लैंड की पूरी टीम 34 ओवर में 156 रन पर ऑलआउट हो गई थी, जबकि श्रीलंका ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया था।

असलंका ने कहा,
“उस मैच में इंग्लैंड सिर्फ 156 रन बना सका था, लेकिन तब किसी ने पिच को लेकर कुछ नहीं कहा। अब ऐसा क्या बदल गया कि England vs Sri lanka second ODI के बाद पिच को खराब बताया जा रहा है?”

इस बयान से साफ़ था कि श्रीलंका पिच को लेकर इंग्लैंड की आलोचना को तर्कसंगत नहीं मानता।


असलंका भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं

हालांकि, असलंका ने पिच का बचाव किया, लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि विकेट बिल्कुल आदर्श नहीं थी। उनके अनुसार, वह बल्लेबाज़ी के लिए थोड़ी बेहतर सतह की उम्मीद कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पहले वनडे में 270–280 रन बने थे, जिससे गेंदबाज़ों को बचाव करने का मौका मिलता है। लेकिन दूसरे मैच में पिच बदली हुई थी। फिर भी, उनके मुताबिक England vs Sri lanka second ODI की विकेट 220 रनों वाली नहीं थी और टीम का लक्ष्य 250–260 तक पहुंचने का था।


मैच का संक्षिप्त विश्लेषण

दूसरे वनडे में श्रीलंका पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 220 रन ही बना सका। इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने बीच के ओवरों में कसी हुई गेंदबाज़ी की, जिससे रन गति पर अंकुश लगा। लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत संभली हुई रही।

जो रूट ने पारी को संभालते हुए धैर्यपूर्ण बल्लेबाज़ी की और टीम को जीत की ओर ले गए। इस तरह England vs Sri lanka second ODI का नतीजा इंग्लैंड के पक्ष में गया और सीरीज़ बराबरी पर आ गई।


आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच पर सवाल

आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच को लेकर पहले भी अलग-अलग राय सामने आती रही है। यह पिच आम तौर पर धीमी मानी जाती है, जहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है। लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में यहां कई बार हाई-स्कोरिंग मैच भी देखने को मिले हैं।

इस बार England vs Sri lanka second ODI के बाद उठे विवाद ने एक बार फिर इस मैदान की पिच को चर्चा में ला दिया है और यह सवाल खड़ा किया है कि वनडे क्रिकेट के लिए आदर्श पिच कैसी होनी चाहिए।


तीसरे वनडे को लेकर उम्मीदें

चरिथ असलंका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि तीसरे वनडे की पिच पहले मैच जैसी होगी, जहां बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों दोनों को बराबर मौका मिले। उन्होंने साफ़ किया कि कोई भी कप्तान कम स्कोर वाली पिच नहीं चाहता, क्योंकि इससे गेंदबाज़ों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

तीसरे मैच में श्रीलंका के स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा के खेलने की संभावना है, जिन्हें सीरीज़ की शुरुआत में आराम दिया गया था। वहीं इंग्लैंड के ज़ैक क्रॉली के घुटने की चोट से उबरने के बावजूद टीम में वापसी की संभावना कम बताई जा रही है। इन सभी पहलुओं ने England vs Sri lanka second ODI के बाद तीसरे मैच को और दिलचस्प बना दिया है।


क्रिकेट में पिच विवाद: नई बात नहीं

क्रिकेट इतिहास में पिच को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है। अलग-अलग देशों की परिस्थितियों और खेल शैलियों के कारण खिलाड़ियों की अपेक्षाएं भी अलग होती हैं। जहां इंग्लैंड की टीमें तेज़ और उछाल वाली पिचों की आदी होती हैं, वहीं उपमहाद्वीप की पिचें धीमी और स्पिन-अनुकूल होती हैं।

इसी सांस्कृतिक और तकनीकी अंतर के कारण England vs Sri lanka second ODI के बाद खिलाड़ियों की राय में टकराव देखने को मिला।


विशेषज्ञों की राय

कई क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 440 रन बनने के बावजूद पिच को पूरी तरह खराब कहना सही नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पिच बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी के लिए एकदम ही असहज होती, तो दोनों टीमों का स्कोर इतना संतुलित नहीं रहता।

कुछ पूर्व खिलाड़ियों का यह भी कहना है कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में 300+ स्कोर देखने के बाद 220 रनों का स्कोर कम जरूर लगता है, लेकिन इससे पिच की गुणवत्ता पर सवाल उठाना ज़रूरी नहीं। यही दृष्टिकोण England vs Sri lanka second ODI की बहस में झलकता है।


मानसिक दबाव और रणनीति की भूमिका

मैच के दौरान केवल पिच ही नहीं, बल्कि मानसिक दबाव और रणनीति भी अहम भूमिका निभाती है। श्रीलंका की पारी के मध्य ओवरों में विकेट गिरने से टीम रन गति बनाए नहीं रख सकी। वहीं इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते समय संयम दिखाया।

इस संदर्भ में England vs Sri lanka second ODI यह दिखाता है कि जीत या हार के लिए केवल पिच को दोष देना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि टीम के फैसले और प्रदर्शन भी उतने ही ज़िम्मेदार होते हैं।


दर्शकों के लिए रोमांच

पिच विवाद के बावजूद दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। इंग्लैंड की जीत ने सीरीज़ को बराबरी पर ला दिया, जिससे तीसरे वनडे का उत्साह और बढ़ गया है।

फैंस अब यह देखने को उत्सुक हैं कि क्या अगली पिच विवाद से परे रहेगी या यह चर्चा आगे भी जारी रहेगी। साफ़ है कि England vs Sri lanka second ODI की गूंज तीसरे मैच तक सुनाई देती रहेगी।


निष्कर्ष

कुल मिलाकर, इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच दूसरा वनडे सिर्फ एक क्रिकेट मैच नहीं रहा, बल्कि पिच, रणनीति और मानसिकता पर एक बड़ी बहस का कारण बन गया। जहां इंग्लैंड के खिलाड़ी पिच से असंतुष्ट दिखे, वहीं श्रीलंका ने रन और आंकड़ों के आधार पर उसका बचाव किया।

चरिथ असलंका का बयान यह बताता है कि मेज़बान टीम आलोचना को सहजता से नहीं ले रही और वह अपनी परिस्थितियों में बेहतर क्रिकेट खेलने की उम्मीद रखती है। अब सबकी निगाहें तीसरे वनडे पर टिकी हैं, जहां खेल का नतीजा शायद इस बहस को शांत कर दे—या फिर इसे और गहरा कर दे।

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