Bharat Coking Coal IPO: निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी, दूसरे दिन 13 गुना सब्सक्रिप्शन, जानिए पूरी कहानी
देश के प्राथमिक बाजार में साल 2026 की पहली बड़ी पेशकश के रूप में bharat coking coal ipo ने आते ही निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के इस आईपीओ को दूसरे ही दिन बाजार से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिसने इसके मजबूत फंडामेंटल्स और सरकारी पृष्ठभूमि पर निवेशकों के भरोसे को साफ दिखा दिया।
दूसरे दिन भी जारी रहा सब्सक्रिप्शन का जोश
एनएसई से मिले आंकड़ों के अनुसार, ₹1,071 करोड़ के bharat coking coal ipo को सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन 13.64 गुना तक भर लिया गया। इस दौरान निवेशकों ने कुल 34.69 करोड़ शेयरों के मुकाबले 473.18 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोली लगाई। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि आईपीओ को लेकर बाजार में भरोसा किस स्तर पर है।
आईपीओ के पहले ही दिन संस्थागत और गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से मजबूत भागीदारी देखने को मिली थी, जो दूसरे दिन और भी तेज हो गई।
एंकर निवेशकों से जुटाए ₹273 करोड़
आईपीओ खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹273.1 करोड़ जुटाकर इस इश्यू की नींव मजबूत कर ली थी। इस कदम ने bharat coking coal ipo की विश्वसनीयता और बाजार में भरोसे को और मजबूत किया।
एंकर निवेशकों में एलआईसी, सोसाइटी जनरल, यूटीआई म्यूचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड और बंधन स्मॉल कैप फंड जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं, जो दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता देते हैं।
प्राइस बैंड और वैल्यूएशन
bharat coking coal ipo का प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया गया है। ऊपरी स्तर पर कंपनी का वैल्यूएशन करीब ₹10,700 करोड़ बैठता है। यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कोल इंडिया अपनी 10% हिस्सेदारी बेच रही है।
इससे जुटाई गई पूरी राशि कोल इंडिया के खाते में जाएगी, जिससे सरकार की विनिवेश रणनीति को आगे बढ़ाया जाएगा।
अनिल सिंहवी की राय: मजबूत पैरेंटेज सबसे बड़ी ताकत
मार्केट एक्सपर्ट और ज़ी बिज़नेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंहवी ने bharat coking coal ipo को लेकर सकारात्मक राय दी है। उनके अनुसार, इस आईपीओ की सबसे बड़ी ताकत इसकी पैरेंट कंपनी कोल इंडिया है।
उन्होंने कहा,
“कोल इंडिया एक बेहद मजबूत सरकारी कंपनी है और बीसीसीएल उसी की अनुषंगी है। यह फैक्टर निवेशकों के लिए बहुत बड़ा पॉजिटिव है।”
भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है। इसका संचालन झारखंड के झरिया कोयला क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोयला क्षेत्र में फैला हुआ है।
अनिल सिंहवी के अनुसार, bharat coking coal ipo का आकर्षण इसलिए भी बढ़ता है क्योंकि कंपनी के पास बड़े कोयला भंडार हैं और भविष्य की मांग को पूरा करने की पूरी क्षमता है।
मजबूत वित्तीय स्थिति और जीरो डेब्ट
इस आईपीओ का एक और बड़ा आकर्षण कंपनी की वित्तीय स्थिति है। बीसीसीएल एक जीरो डेब्ट कंपनी है, यानी इसके ऊपर किसी तरह का कर्ज नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि bharat coking coal ipo में निवेश करने वालों के लिए यह एक बड़ा प्लस पॉइंट है, क्योंकि कंपनी को भविष्य में अपने ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कोकिंग कोल की मजबूत मांग
स्टील उद्योग के लिए कोकिंग कोल एक अनिवार्य कच्चा माल है। भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टील सेक्टर में निरंतर वृद्धि के चलते आने वाले वर्षों में कोकिंग कोल की मांग मजबूत बनी रहने की संभावना है।
इसी वजह से bharat coking coal ipo को लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी से जोड़कर देखा जा रहा है।
जोखिम क्या हैं?
हर निवेश के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं और bharat coking coal ipo भी इससे अछूता नहीं है। अनिल सिंहवी ने जिन जोखिमों का उल्लेख किया, उनमें सबसे बड़ा मुद्दा कंपनी की संभावित देनदारियां हैं।
कंपनी की करीब ₹35,000–36,000 करोड़ की कंटिंजेंट लायबिलिटी है। हालांकि, फिलहाल इसके वास्तविक होने की कोई तात्कालिक संभावना नहीं दिखती, लेकिन निवेशकों को इस बिंदु पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
इसके अलावा, कंपनी का अधिकतर संचालन झारखंड और पश्चिम बंगाल तक सीमित है। भारी बारिश के दौरान खनन प्रभावित हो सकता है, जो कि इस सेक्टर का सामान्य जोखिम है।
वैल्यूएशन को लेकर क्या कहता है बाजार?
अनिल सिंहवी का मानना है कि bharat coking coal ipo का वैल्यूएशन आकर्षक है। भारत में इसका कोई सीधा लिस्टेड कंपेरेबल नहीं है, इसलिए इसकी तुलना ग्लोबल कंपनियों से की गई है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने जानबूझकर निवेशकों के लिए “कुछ वैल्यू टेबल पर छोड़ी है”, जिससे लिस्टिंग के समय अच्छे रिटर्न की संभावना बनती है।
सरकार की विनिवेश रणनीति का हिस्सा
यह आईपीओ सरकार की व्यापक विनिवेश नीति का एक अहम हिस्सा है। कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों—महनदी कोलफील्ड्स और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स—को भी भविष्य में सूचीबद्ध किए जाने की योजना है।
bharat coking coal ipo के जरिए न केवल सरकारी राजस्व जुटाया जा रहा है, बल्कि पारदर्शिता और कॉरपोरेट गवर्नेंस को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
2025 की मजबूत आईपीओ लहर का असर
साल 2025 में आईपीओ मार्केट बेहद मजबूत रहा, जहां कंपनियों ने कुल मिलाकर करीब ₹1.76 लाख करोड़ जुटाए। घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी ने इस ट्रेंड को सहारा दिया।
इसी मजबूत माहौल का फायदा bharat coking coal ipo को भी मिल रहा है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
अगर निवेशक लिस्टिंग गेन की उम्मीद रखते हैं, तो विशेषज्ञों की राय में यह आईपीओ आकर्षक विकल्प हो सकता है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सरकारी स्वामित्व वाली, मजबूत बैलेंस शीट वाली कंपनी में हिस्सेदारी पाने का मौका है।
हालांकि, निवेश से पहले सभी जोखिमों और कंपनी के दस्तावेज़ों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, bharat coking coal ipo ने यह साफ कर दिया है कि मजबूत पैरेंटेज, स्थिर बिजनेस मॉडल और सरकारी समर्थन आज भी निवेशकों के लिए बड़े भरोसे के संकेत हैं। दूसरे दिन की भारी सब्सक्रिप्शन संख्या इस बात का प्रमाण है कि बाजार इस आईपीओ को लेकर आशावादी है।
अगर लिस्टिंग के समय बाजार की धारणा बनी रहती है, तो यह आईपीओ 2026 की शुरुआत में निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत बन सकता है।
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