बंगाल की राजनीति और युवाओं के लिए नई शुरुआत: ‘Banglar Yuva Sathi Scheme’ की पूरी कहानी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर युवा वोटबैंक केंद्र में आ गया है। राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में एक नई योजना की घोषणा की — banglar yuva sathi scheme। इस योजना के तहत राज्य के बेरोज़गार युवाओं को हर महीने ₹1,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
15 फरवरी 2026 को पूरे पश्चिम बंगाल में हजारों युवा पंजीकरण फॉर्म भरने के लिए कतारों में खड़े दिखाई दिए। विधानसभा चुनाव से पहले इस योजना को लागू किया जाना राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है banglar yuva sathi scheme?
banglar yuva sathi scheme एक बेरोज़गारी भत्ता योजना है, जिसके तहत 21 से 40 वर्ष की आयु के बेरोज़गार युवाओं को हर महीने ₹1,500 की सहायता दी जाएगी।
इस योजना की प्रमुख शर्तें हैं:
-
लाभार्थी की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच हो
-
उसने कम से कम माध्यमिक (Madhyamik) परीक्षा पास की हो
-
वह बेरोज़गार हो
-
किसी अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभार्थी न हो
यह सहायता तब तक दी जाएगी जब तक लाभार्थी को नौकरी नहीं मिल जाती, या अधिकतम पांच वर्षों तक — जो भी पहले हो।
बजट में बड़ा प्रावधान
राज्य सरकार ने banglar yuva sathi scheme के लिए अगले वित्त वर्ष के बजट में ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया है।
पहले बजट में घोषणा की गई थी कि योजना 15 अगस्त 2026 से लागू होगी। लेकिन कुछ ही दिनों बाद राज्य सरकार ने इसे आगे बढ़ाकर फरवरी 2026 से लागू करने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले यह फैसला युवाओं को सीधे राहत देने की कोशिश है।
राज्यभर में लगाए गए कैंप
banglar yuva sathi scheme की शुरुआत के लिए पश्चिम बंगाल के हर विधानसभा क्षेत्र में विशेष कैंप लगाए गए।
ये कैंप 26 फरवरी 2026 तक संचालित किए जाएंगे।
इन कैंपों में भारी संख्या में युवक पंजीकरण के लिए पहुंचे।
दिलचस्प बात यह है कि महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, क्योंकि राज्य में पहले से ही “लक्ष्मी भंडार” योजना के तहत महिलाएं आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं।
लक्ष्मी भंडार योजना का संदर्भ
राज्य सरकार ने बजट में लक्ष्मी भंडार योजना की राशि भी बढ़ाई है:
-
सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,500
-
आरक्षित वर्ग की महिलाओं को ₹1,700
इस कारण कहा जा रहा है कि महिलाओं के लिए पहले से आर्थिक सुरक्षा उपलब्ध है, जबकि अब banglar yuva sathi scheme के जरिए पुरुष युवाओं को भी सहारा दिया जा रहा है।
विपक्ष का आरोप
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ऑनलाइन आवेदन की जगह फिजिकल कैंप क्यों लगा रही है।
उनका आरोप है कि राज्य सरकार रोजगार सृजन पर ध्यान नहीं दे रही।
सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि 2013 में शुरू की गई “युवा श्री योजना” (Yuva Shree Scheme) का हश्र भी कुछ ऐसा ही हुआ था।
उस योजना में करीब 17 लाख आवेदकों को भत्ता और नौकरी देने का दावा किया गया था, लेकिन 2017-18 के बाद उसके लिए कोई फंड आवंटित नहीं किया गया।
उनका यह भी आरोप है कि पूर्व की आवेदन सूची नष्ट कर दी गई।
सरकार का जवाब
राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि banglar yuva sathi scheme बेरोज़गार युवाओं को राहत देने के लिए है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र द्वारा राज्य के बकाया रोके जाने के बावजूद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीमित संसाधनों में भी सभी योजनाओं को जारी रख रही हैं।
युवा वर्ग में उत्साह
banglar yuva sathi scheme के लिए युवाओं में खासा उत्साह देखा गया।
-
कई जिलों में लंबी कतारें लगीं
-
युवाओं ने इसे आर्थिक सहारा बताया
-
कई लोगों ने कहा कि इससे नौकरी की तलाश के दौरान मदद मिलेगी
विशेषज्ञों का मानना है कि ₹1,500 की राशि भले बड़ी न हो, लेकिन यह रोजमर्रा के खर्च में मददगार साबित हो सकती है।
क्या यह चुनावी मास्टरस्ट्रोक है?
चूंकि विधानसभा चुनाव कुछ महीनों में होने वाले हैं, इसलिए banglar yuva sathi scheme को चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
यदि योजना का पैसा चुनाव से पहले खातों में पहुंच जाता है, तो यह सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा राजनीतिक लाभ हो सकता है।
सीमित संसाधन और आर्थिक चुनौती
योजना के लिए ₹5,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
लेकिन अगर लाभार्थियों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है, तो सरकार के लिए वित्तीय दबाव भी बढ़ सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि दीर्घकालिक समाधान रोजगार सृजन है, न कि सिर्फ भत्ता देना।
पूर्व की योजनाओं से तुलना
2013 में शुरू हुई युवा श्री योजना भी बेरोज़गारों को भत्ता देने के उद्देश्य से लाई गई थी।
विपक्ष का आरोप है कि वह योजना प्रभावी साबित नहीं हुई।
सरकार का कहना है कि banglar yuva sathi scheme को नए स्वरूप और बेहतर निगरानी व्यवस्था के साथ लागू किया जाएगा।
पात्रता और अवधि
banglar yuva sathi scheme के तहत:
✔ आयु – 21-40 वर्ष
✔ शिक्षा – माध्यमिक पास
✔ अवधि – अधिकतम 5 वर्ष या रोजगार मिलने तक
✔ भत्ता – ₹1,500 प्रतिमाह
भविष्य की संभावनाएं
यदि सही तरीके से लागू किया जाए, तो banglar yuva sathi scheme युवाओं के लिए एक आर्थिक सुरक्षा कवच बन सकती है।
लेकिन यदि रोजगार के अवसर नहीं बढ़े, तो यह योजना अस्थायी राहत से आगे नहीं बढ़ पाएगी।
निष्कर्ष
banglar yuva sathi scheme पश्चिम बंगाल में युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह योजना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से अहम है।
एक तरफ सरकार इसे युवा सशक्तिकरण का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे चुनावी हथियार कह रहा है।
आने वाले महीनों में साफ होगा कि banglar yuva sathi scheme सिर्फ एक भत्ता योजना है या वास्तव में युवाओं के लिए स्थायी बदलाव का माध्यम बनती है।
Read More:
Chief Minister of Assam का 1 बड़ा ऐलान, फाइनल वोटर लिस्ट जारी
