Akshay Kumar पर निर्माता का आरोप: क्या वाकई “बिज़नेसमैन पहले, अभिनेता बाद में” हैं सुपरस्टार?
बॉलीवुड में जब भी किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने की बात आती है, तो उसके पीछे की कहानियाँ अक्सर परदे के पीछे ही रह जाती हैं। लेकिन कभी-कभी कोई निर्माता या निर्देशक खुलकर सामने आता है और इंडस्ट्री के उन पहलुओं पर रोशनी डालता है, जिन पर आमतौर पर बात नहीं होती। हाल ही में फिल्म निर्माता शैलेन्द्र सिंह ने अभिनेता Akshay Kumar को लेकर ऐसे ही चौंकाने वाले दावे किए हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक चर्चा छेड़ दी है।
शैलेन्द्र सिंह ने दावा किया कि उनकी फिल्म 8×10 तसवीर बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हो गई थी, जिससे उन्हें करीब 85 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उनका कहना है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने अक्षय कुमार से उनकी फीस का कुछ हिस्सा वापस करने का अनुरोध किया था, लेकिन अभिनेता ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसी संदर्भ में शैलेन्द्र सिंह ने यह बयान दिया कि अभिनेता Akshay Kumar money minded हैं और “एक्टर बाद में, बिज़नेसमैन पहले” हैं।
(गणना: 1)
8×10 तसवीर और निर्माता का नुकसान
फिल्म 8×10 तसवीर वर्ष 2019 में रिलीज़ हुई थी। यह एक थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें अक्षय कुमार लीड रोल में थे। शैलेन्द्र सिंह के मुताबिक, फिल्म का शुरुआती बजट करीब 30–35 करोड़ रुपये था और इसकी शूटिंग के लिए केरल के मुन्नार को चुना गया था। लेकिन अक्षय कुमार के व्यस्त शेड्यूल की वजह से शूटिंग कई देशों में करनी पड़ी, जिससे लागत तेजी से बढ़ती चली गई।
निर्माता का कहना है कि शूटिंग मुन्नार से कनाडा के कैलगरी और फिर साउथ अफ्रीका के केप टाउन तक पहुंच गई। लोकेशन बदलने, यूनिट के ट्रैवल खर्च, रहने-खाने और समय की कमी ने फिल्म के बजट को काफी बढ़ा दिया। नतीजा यह हुआ कि फिल्म रिलीज़ के बाद दर्शकों को आकर्षित नहीं कर पाई और बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर गई।
“थिएटर खाली थे” – शैलेन्द्र सिंह का दावा
शैलेन्द्र सिंह ने एक इंटरव्यू में भावुक होते हुए कहा, “मैंने उनसे कहा – ब्रदर, थिएटर में कोई आपकी फिल्म देखने नहीं आया। आपको भी इस नुकसान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।” उनका कहना है कि अक्षय कुमार को भारी-भरकम फीस दी गई थी, लेकिन जब फिल्म नहीं चली तो उन्होंने पैसे लौटाने से साफ मना कर दिया।
यहीं से विवाद और गहराता है। शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि इस अनुभव के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण से दूरी बना ली, क्योंकि एक प्रोड्यूसर के तौर पर उन्हें लगा कि पूरा जोखिम उन्हीं के कंधों पर डाल दिया गया। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने दोहराया कि Akshay Kumar money minded हैं और हर चीज़ को बिज़नेस की तरह देखते हैं।
(गणना: 2)
फीस बढ़ाने की “रणनीति” का आरोप
निर्माता शैलेन्द्र सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अक्षय कुमार की फीस बढ़ाने की एक तय रणनीति होती है। उनके अनुसार, अभिनेता शुरुआत में कम फीस लेते हैं ताकि फिल्ममेकर सहमत हो जाए, लेकिन बाद में फीस धीरे-धीरे बढ़ाई जाती है।
शैलेन्द्र सिंह ने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले 15 करोड़, फिर 21 करोड़, फिर 27 करोड़ और अंत में “लकी नंबर 9” के नाम पर 36 करोड़ तक फीस पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि अक्षय कुमार बिज़नेस को अच्छी तरह समझते हैं, और यही कारण है कि लोग उन्हें Akshay Kumar money minded कहते हैं।
(गणना: 3)
सिंह इज़ किंग का किस्सा और टाइटल विवाद
इंटरव्यू के दौरान शैलेन्द्र सिंह ने सिंह इज़ किंग से जुड़ा एक और किस्सा साझा किया। उनका कहना है कि उन्होंने फिल्म की मूल कहानी और टाइटल अक्षय कुमार को ऑफर किया था। फिल्म हिट होने के बाद, जब वह अपने टाइटल के अधिकार वापस लेना चाहते थे, तो उन्हें कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।
शैलेन्द्र के मुताबिक, उन्हें उम्मीद थी कि व्यावसायिक सफलता के बाद टाइटल सम्मानपूर्वक लौटा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्हें कोर्ट जाना पड़ा और काफी मशक्कत के बाद टाइटल अपने नाम करवा पाए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद इंडस्ट्री में एक बार फिर चर्चा होने लगी कि क्या अक्षय कुमार जरूरत से ज्यादा व्यावसायिक सोच रखते हैं, और क्या Akshay Kumar money minded वाली छवि इसी वजह से बनी है।
(गणना: 4)
एनिमेटेड फिल्म जंबो और 9 करोड़ की फीस
शैलेन्द्र सिंह ने यह भी दावा किया कि अक्षय कुमार ने उनकी एनिमेटेड फिल्म जंबो में सिर्फ एक गाने पर डांस करने के लिए 9 करोड़ रुपये लिए थे। उनके मुताबिक, यह रकम फिल्म के बजट के हिसाब से बेहद ज्यादा थी, लेकिन स्टार पावर के कारण उन्हें मानना पड़ा।
इसी अनुभव के आधार पर शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि अक्षय कुमार इंडस्ट्री के सबसे बड़े प्रोफेशनल्स में से एक हैं, लेकिन वे भावनात्मक नहीं, बल्कि व्यावहारिक फैसले लेते हैं। यही वजह है कि कई लोग उन्हें Akshay Kumar money minded मानते हैं।
(गणना: 5)
अक्षय कुमार का जवाब: “मैंने पैसा लूटा नहीं, कमाया है”
इन आरोपों पर अक्षय कुमार ने पहले भी सार्वजनिक मंचों पर प्रतिक्रिया दी है। आप की अदालत जैसे शो में उन्होंने साफ कहा था, “अगर मैंने पैसा कमाया है तो वह लूटकर नहीं कमाया। मैंने मेहनत से कमाया है। मैं कई वर्षों से सबसे ज्यादा टैक्स भरने वालों में शामिल रहा हूं।”
अक्षय कुमार का मानना है कि पैसा ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा है और उसे लेकर प्रैक्टिकल होना गलत नहीं है। वे कहते हैं कि सिर्फ इसलिए कि कोई अपने काम की सही कीमत लेता है, उसे Akshay Kumar money minded कहना सही नहीं है।
(गणना: 6)
नेट वर्थ और सबसे अमीर अभिनेताओं में शामिल
Forbes और अन्य रिपोर्ट्स के मुताबिक अक्षय कुमार की कुल संपत्ति 2700 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी जाती है। वे न सिर्फ फिल्मों से, बल्कि ब्रांड एंडोर्समेंट, प्रोडक्शन और रियल एस्टेट से भी कमाई करते हैं।
इतनी बड़ी संपत्ति के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। कुछ लोग इसे उनकी मेहनत और अनुशासन का नतीजा बताते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इतनी व्यावसायिक सफलता ही Akshay Kumar money minded वाली छवि को मजबूत करती है।
(गणना: 7)
फिल्म इंडस्ट्री में जोखिम: निर्माता बनाम स्टार
फिल्म इंडस्ट्री में यह बहस नई नहीं है कि असली जोखिम कौन उठाता है—निर्माता या स्टार? एक तरफ निर्माता होता है, जो पूरी फिल्म का बजट लगाता है, दूसरी तरफ स्टार, जिसकी लोकप्रियता पर फिल्म बिकती है।
शैलेन्द्र सिंह का कहना है कि जब फिल्म फ्लॉप होती है, तब सारा नुकसान निर्माता का होता है। वहीं स्टार अपनी फीस पहले ही ले चुका होता है। इसी असंतुलन के कारण उन्होंने अक्षय कुमार को Akshay Kumar money minded कहा और सवाल उठाया कि क्या सुपरस्टार को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए?
(गणना: 8)
इंडस्ट्री में दो राय
इस विवाद के बाद फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटती नजर आई। कुछ लोगों का कहना है कि अक्षय कुमार अपने प्रोफेशन को गंभीरता से लेते हैं और यही वजह है कि वे समय पर शूटिंग पूरी करते हैं और फीस तयशुदा रखते हैं।
दूसरी ओर, कुछ निर्माता मानते हैं कि फ्लॉप फिल्मों में स्टार को भी थोड़ा लचीलापन दिखाना चाहिए। इसी बहस के बीच Akshay Kumar money minded शब्द बार-बार चर्चा में आता रहा।
(गणना: 9)
निष्कर्ष: आरोप, सफलता और वास्तविकता
अंततः यह मामला एक बड़े सवाल को जन्म देता है—क्या एक कलाकार का व्यावसायिक होना गलत है? शैलेन्द्र सिंह के आरोप अपनी जगह हैं, वहीं अक्षय कुमार की मेहनत, अनुशासन और टैक्स रिकॉर्ड भी सच्चाई है।
फिल्म इंडस्ट्री में रिश्ते सिर्फ भावनाओं से नहीं, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट और आंकड़ों से चलते हैं। शायद इसी वजह से किसी के लिए अक्षय कुमार प्रेरणा हैं, तो किसी के लिए Akshay Kumar money minded
Read More:
