थाईलैंड में फंसे ओडिशा के मजदूर, 6 workers seeking help Odisha government की मार्मिक पुकार
ओडिशा के केंदुझार (केंद्रपाड़ा) जिले से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। थाईलैंड के बैंकॉक के पास चोनबुरी इलाके में एक प्लाइवुड फैक्ट्री में कथित तौर पर छह मजदूर पिछले छह महीनों से बंधक बनाकर रखे गए हैं। इन 6 workers seeking help Odisha government ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी दुर्दशा बयान की है और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
इस घटना के सामने आने के बाद परिवारों और प्रशासन में हलचल मच गई है। विदेश में रोजगार का सपना लेकर गए ये युवा अब घर वापसी के लिए तरस रहे हैं।
🎥 वीडियो से उजागर हुआ मामला
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें चार मजदूर अपनी आपबीती सुनाते दिखे। इन 6 workers seeking help Odisha government ने आरोप लगाया कि उन्हें फैक्ट्री परिसर में ही सीमित कर दिया गया है, 12-12 घंटे काम कराया जाता है और वेतन नहीं दिया जाता।
वीडियो में प्रasant राउत (28) ने कहा:
“हमें कहा गया था कि महीने का 50,000 रुपये मिलेगा। लेकिन यहां लाने के बाद पासपोर्ट छीन लिया गया और बिना वेतन काम कराया जा रहा है।”
💰 भारी रकम देकर गए थे विदेश
इन 6 workers seeking help Odisha government ने बताया कि उन्होंने प्रत्येक ने लगभग 2 लाख रुपये खर्च कर एजेंट के माध्यम से थाईलैंड जाने की व्यवस्था की। एजेंट ने उन्हें अच्छी नौकरी और ऊंचे वेतन का लालच दिया था।
हिमांशु बेहरा (32) ने आरोप लगाया कि एजेंट ने तीन महीने के टूरिस्ट वीजा पर उन्हें भेजा और वहां पहुंचते ही कंपनी के मालिक ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए।
🏭 फैक्ट्री में बंद, शोषण के आरोप
वीडियो में मजदूरों ने बताया कि:
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दिन में 12 घंटे से अधिक काम
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केवल एक बार भोजन
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अतिरिक्त खाना मांगने पर मारपीट
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मानसिक और शारीरिक यातना
इन हालातों ने 6 workers seeking help Odisha government को मजबूर कर दिया कि वे सरकार से गुहार लगाएं।
👪 परिवारों की गुहार
केंद्रपाड़ा में मजदूरों के परिजनों ने श्रम विभाग से मुलाकात की और तत्काल कार्रवाई की मांग की।
परिवारों ने बताया कि उनकी सारी बचत एजेंट को दे दी गई थी और अब वे न तो पैसा भेज पा रहे हैं और न ही घर लौट सकते हैं।
इन 6 workers seeking help Odisha government की माताएं और पत्नियां बेसब्री से उनकी सुरक्षित वापसी की राह देख रही हैं।
🏛️ प्रशासन की प्रतिक्रिया
जिला श्रम अधिकारी अनंत पद्मनाभ महमंसिंह ने कहा:
“उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। उचित कदम उठाए जाएंगे।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि फर्जी एजेंट अक्सर युवाओं को विदेश में नौकरी का झांसा देते हैं और लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
🌏 विदेशों में श्रमिक शोषण की बड़ी समस्या
यह पहली बार नहीं है जब ओडिशा या भारत के श्रमिक विदेशों में शोषण का शिकार हुए हों। कई बार एजेंट अधिक वेतन का झांसा देकर युवाओं को अवैध या असुरक्षित हालात में भेज देते हैं।
इन 6 workers seeking help Odisha government का मामला फिर से इस गंभीर समस्या को उजागर करता है।
✈️ सरकार से अपील: तुरंत वापसी की व्यवस्था
वीडियो में जयंत मलिक (29) ने कहा:
“हम चाहते हैं कि सरकार हमारे लिए फ्लाइट की व्यवस्था करे। हम हर दिन डर और संघर्ष में जी रहे हैं।”
इन 6 workers seeking help Odisha government की अपील है कि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर उन्हें सुरक्षित वापस लाएं।
⚖️ कानूनी पहलू
चूंकि मजदूर टूरिस्ट वीजा पर गए थे, इसलिए कानूनी प्रक्रिया जटिल हो सकती है।
थाईलैंड में बिना उचित वर्क परमिट काम करना वहां के कानूनों के खिलाफ है।
इसके बावजूद, यदि पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं और जबरन काम कराया जा रहा है, तो यह मानवाधिकार उल्लंघन का मामला बन सकता है।
🚨 फर्जी एजेंटों से सावधान
श्रम विभाग ने फिर चेतावनी जारी की है:
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विदेश जाने से पहले लाइसेंस प्राप्त एजेंट से संपर्क करें
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वीजा की शर्तों को ध्यान से पढ़ें
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अनुबंध की कॉपी सुरक्षित रखें
6 workers seeking help Odisha government का मामला युवाओं के लिए सीख है कि जल्दबाज़ी और लालच नुकसानदेह हो सकता है।
🧭 आगे की राह
राज्य सरकार अब विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के संपर्क में आ सकती है।
संभावना है कि दूतावास के माध्यम से इन 6 workers seeking help Odisha government को कानूनी सहायता और वापसी की व्यवस्था मिले।
निष्कर्ष
थाईलैंड में फंसे 6 workers seeking help Odisha government की कहानी दर्द, संघर्ष और उम्मीद की कहानी है।
छह महीने से कैद जैसे हालात में रह रहे इन मजदूरों की पुकार ने पूरे ओडिशा को चिंतित कर दिया है।
यह घटना बताती है कि विदेश में रोजगार के सपने देखने से पहले पूरी जांच-पड़ताल आवश्यक है।
अब सबकी निगाहें सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं—कब और कैसे इन छह मजदूरों को सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
मानवाधिकार और श्रमिक सुरक्षा के लिहाज से यह मामला बेहद संवेदनशील है, और उम्मीद है कि जल्द ही इन 6 workers seeking help Odisha government की घर वापसी की खबर सुनने को मिलेगी।
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