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16 February 2026: आज का शानदार शुभ मुहूर्त

16 February 2026

📅 आज का पंचांग: 16 February 2026 का विस्तृत विवरण

आज 16 February  का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार 16 February  को कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी से अमावस्या का संक्रमण हो रहा है। यह दिन विशेष साधना, पितृ तर्पण, दान और आध्यात्मिक चिंतन के लिए शुभ माना जाता है। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत, शुभ मुहूर्त या दैनिक निर्णय के लिए मार्गदर्शन ढूंढ रहे हैं, तो 16 February  का पंचांग आपके लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।


🗓️ पंचांग विवरण (16 February 2026)

16 February  को माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी समाप्त होकर अमावस्या प्रारंभ हो रही है, जो आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखती है।


🌑 तिथि (Tithi)

इस प्रकार 16 February  की शाम 5:34 बजे से अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। अमावस्या को पितरों का दिन माना जाता है और इस दिन दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है।


🌟 नक्षत्र (Nakshatra)

16 February  को दिन में श्रवण नक्षत्र रहेगा और रात में धनिष्ठा नक्षत्र का आगमन होगा। श्रवण नक्षत्र भगवान विष्णु से जुड़ा है, जबकि धनिष्ठा नक्षत्र मंगल और समृद्धि का प्रतीक है।


🔯 योग (Yoga)

वरीयान योग में किए गए कार्यों में स्थिरता आती है। इसलिए 16 February  को सुबह का समय शुभ कार्यों के लिए उपयोगी माना गया है।


🌅 सूर्य और चंद्रमा का समय

16 February 2026 को चंद्रमा दिन में अस्त हो जाएगा क्योंकि शाम से अमावस्या प्रारंभ हो रही है।


⛔ अशुभ काल (16 February 2026)

इन समयों में शुभ कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। विशेषकर 16 February 2026 के राहुकाल के दौरान नए कार्य, निवेश या यात्रा से परहेज करना उचित है।


✅ शुभ काल (16 February 2026)

16 February  का ब्रह्म मुहूर्त आध्यात्मिक साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। अमृत काल में किए गए कार्य सफलता की ओर अग्रसर होते हैं।


🌈 विशेष शुभ योग

यह योग अत्यंत शुभ माना जाता है। 16 February 2026 को सर्वार्थ सिद्धि योग के कारण कई प्रकार के कार्य जैसे व्यापार प्रारंभ, संपत्ति क्रय, वाहन खरीद, धार्मिक अनुष्ठान आदि अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।


🔔 16 February 2026 का धार्मिक महत्व

16 February 2026 को अमावस्या तिथि का प्रारंभ होने से यह दिन पितृ तर्पण, श्राद्ध कर्म और दान के लिए श्रेष्ठ है। माघ मास की अमावस्या विशेष पवित्र मानी जाती है। इस दिन स्नान-दान और जप-तप से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

जो लोग अपने पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण करना चाहते हैं, उनके लिए 16 February 2026 अत्यंत शुभ दिन है। जल अर्पण और तिल दान करने से पितृ दोष शांत होता है।


🪔 क्या करें और क्या न करें (16 February 2026)

करें:

✔ ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
✔ सर्वार्थ सिद्धि योग में नए कार्य प्रारंभ करें
✔ अमावस्या पर पितृ तर्पण और दान करें
✔ ध्यान और मंत्र जाप करें

न करें:

❌ राहुकाल में नया कार्य शुरू न करें
❌ अशुभ काल में यात्रा से बचें
❌ विवाद और क्रोध से दूर रहें


📊 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से 16 February 2026

16 February 2026 को श्रवण नक्षत्र और वरीयान योग का संयोग व्यक्ति को स्थिरता और समझदारी प्रदान करता है। धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रात्रि में उन्नति और प्रगति की ओर संकेत करता है।

अमावस्या होने के कारण यह दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है।


🌟 निष्कर्ष

16 February 2026 का पंचांग धार्मिक, आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र, वरीयान योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है।

यदि आप नए कार्य की शुरुआत, निवेश, पूजा-पाठ या पितृ तर्पण करना चाहते हैं, तो 16 February 2026 का दिन आपके लिए विशेष फलदायी हो सकता है।

सही मुहूर्त का पालन करके जीवन में सफलता और शांति प्राप्त की जा सकती है।

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